मवाना। गांव रहावती निवासी सोनू द्वारा 10 अप्रैल को तहसील में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने और आत्मदाह करने की चेतावनी को ग्राम सचिव के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया है।
सोनू ने 4 अप्रैल को एसडीएम दीपक माथुर को दिए पत्र में कहा था कि तेज बारिश के चलते उसका मकान ढह गया था। उसे आर्थिक मदद नहीं मिली है। बीते माह भी इसी बात को लेकर उसने सीएम का पुतला फूंकने और आत्मदाह की चेतावनी दी थी। चेतावनी के दिन उसे 24 घंटे के लिए हिरासत में रखा था। बीडीओ ने जल्द से जल्द मकान का निर्माण कराने की बात कही थी। ग्राम सचिव ने गांव में जाकर मकान का सर्वे भी किया, लेकिन ब्लाक में जाकर उसे पता चला कि उसका नाम सूची में ही नहीं है। उत्पीड़न से दुखी होकर 10 अप्रैल को तहसील में सीएम का पुतला फूंकने और आत्मदाह कर जान देने की चेतावनी दी थी।
मंगलवार को एसडीएम को पुन: दिए पत्र में कहा कि तेज बारिश में मकान गिरने का जो मामला था, वह बीडीओ व ग्राम सचिव राहुल तोमर ने अपलोड कर दिया है। दोनों को 31 अप्रैल तक का समय दिया गया है। 31 अप्रैल के बाद आवास का पैसा आने की बात कही गई है।