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Meerut News: सिपाही से पिस्टल छीनकर भाग रहे बदमाश को पैर में गोली मारकर दबोचा

Sun, 16 Apr 2023 02:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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मेरठ/हस्तिनापुर। पलड़ा गांव में हुए विशु हत्याकांड के मामले में शुक्रवार रात गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों में से 25 हजारी के इनामी आरोपी शाहनवीज ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। खेतों में हथियार की बरामदगी के दाैरान इनामी आरोपी ने सिपाही से पिस्टल छीन लिया और फायरिंग करता हुआ वहां से भागने लगा। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी के पैर में गोली मारकर उसे दबोच लिया।
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पुलिस को सूचना मिली थी कि पलड़ा गांव के विशु हत्याकांड में शामिल दो आरोपी सैफपुर मोड़ के आसपास देखे गए हैं। इस पर पुलिस टीम ने चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस ने देर रात पलड़ा निवासी 25 हजार केे इनामी आरोपी शाहनवीज और शूटर कैफ को गिरफ्तार कर लिया था। क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही थी। आराेपी शाहनवीज ने बताया कि उसने हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल सैफपुर पुलिया के पास छिपा रखा है। शनिवार सुबह पुलिस ने उसे मौके पर ले जाकर पिस्टल को बरामद कर लिया। पिस्टल बरामद होने के बाद पुलिस उसकी फर्द तैयार कर रही थी, जबकि सिपाही सोनू ने आरोपी शाहनवीज को पकड़ रखा था। अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी ने सिपाही से पिस्टल छीन लिया और पुलिस टीम की तरफ फायरिंग कर वहां से भागने लगा। इससे पुलिसकर्मियों में भी हड़कंप मच गया। पुलिस टीम ने आरोपी का पीछा किया और मुठभेड़ के बाद आरोपी को थोड़ी दूरी पर पकड़ लिया। इस दौरान आरोपी के पैर में गोली भी लग गई। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अनस के कहने पर हुए थे हत्याकांड में शामिल
पूछताछ में सामने आया दोनों आरोपियों को मुख्य आरोपी अनस ने हत्याकांड की योजना में शामिल किया था। आरोपी अनस पहले ही गिरफ्तार हो चुका है। आरोपियों ने बताया कि हत्याकांड वाले दिन वह सुबह से ही विशु की रेकी कर रहे थे। गांव में पहुंचने के बाद उसे मौत के घाट उतार दिया गया। हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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हस्तिनापुर थाना प्रभारी को किया लाइन हाजिर
पलड़ा गांव में विशु हत्याकांड के बाद बवाल के मामले में लगातार थाना प्रभारी बच्चू सिंह की लापरवाही सामने आ रही थी। यहां तक कि स्थानीय लोगों ने भी थाना प्रभारी की लापरवाह कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। शुक्रवार देर रात एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने थाना प्रभारी बच्चू सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर क्राइम ब्रांच से इंस्पेक्टर रमेश शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों को लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है। पता किया जा रहा है कि उनकी कार्यशैली कैसी है और लापरवाही में कौन-कौन शामिल रहा है। लापरवाही मिली तो उन पर भी गाज गिर सकती है।
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गांव में अभी भी फोर्स तैनात
पलड़ा गांव में बवाल को कई दिन बीत चुके हैं। फिलहाल गांव का माहौल भी शांत है, लेकिन पुलिस अधिकारी कोई भी लापरवाही नहीं करना चाहते। इसी कारण गांव में तैनात फोर्स को नहीं हटाया जा रहा है। शनिवार को भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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18 अप्रैल को होगी 36 बिरादरी की महापंचायत
विशु हत्याकांड के बाद गांव में 18 अप्रैल को महापंचायत की घोषणा कर दी गई थी। महापंचायत को सफल बनाने के लिए आकाश गुर्जर, सोनू मिर्कपुर, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विजय धामा, अंकित प्रधान निडावली, अनंत गुर्जर आदि ने सर्व समाज की महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के कई गांव में जनसंपर्क किया। जो निडावली, अलीपुर मोरना, सीना, सैफपुर कर्मचंदपुर आदि गांव में पहुंचे। आकाश गुर्जर ने बताया कि अभी तक विशु हत्याकांड के सभी आरोपी नहीं पकड़े गए। पुलिस मामले में लापरवाही कर रही है। इसके अलावा न पीड़ित परिवार को मुआवजा मिला और न ही एक सदस्य को नौकरी दिलाई गई। इन सभी मांगों को लेकर सर्वसमाज की महापंचायत बुलाई गई है।


दादरी में पुलिस ने नहीं होने दी महापंचायत, उखाड़ा टेंट

माई सिटी रिपोर्टर/संवाद
दौराला/मेरठ। हस्तिनापुर के पलड़ा गांव में हुए विशु हत्याकांड के मामले में दादरी में बुलाई गई महापंचायत पुलिस ने सफल नहीं होने दी। दिन निकलते ही भारी तादात में पुलिस बल गांव में पहुंच गया और महापंचायत के लिए लगाए गए टेंट को उखाड़कर कब्जे में ले लिया। साथ ही महापंचायत के आयोजक जिला पंचायत सदस्य उर्मिला के बेटे अंकित मोतला को घर के अंदर ही नजरबंद कर दिया गया। महापंचायत की तैयारी में लगे लोगों को पुलिस ने चौकी में बैठाए रखा। दोपहर बाद अपनी मांगों को लेकर ग्रामीणों ने छह सूत्रीय ज्ञापन सीओ दौराला को सौंपा। उसके बाद पुलिस ने चौकी में बैठाए लोगों को छोड़ दिया।
वहीं, गांव के बाहर भी पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया था। दोपहर के समय आसपास के गांव के कुछ लोग महापंचायत में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया।
मामले में आयोजक अंकित मोतला का कहना है कि पुलिस बल रात में ही गांव में पहुंच गया था, जिन्होंने महापंचायत नहीं होने दी। दोपहर के समय मकान से निकलकर जिम्मेदार लोगों के साथ बैठक की, जिसके बाद सीओ को ज्ञापन सौंपा गया। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 18 अप्रैल को पलड़ा में होने वाली महापंचायत में भाग लेंगे।

भंडौरा में हुई बैठक, महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान
मवाना। गांव पलड़ा में 18 अप्रैल को होने वाली महापंचायत के मामले में शनिवार को भंडौरा गांव में समाज के लोगों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने और महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया गया। इस दौरान सोनू मिरकपुर, विजय धामा रामनगर, आकाश गुर्जर, अंकित प्रधान आदि मौजूद रहे। संवाद
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