पावर एंजिल छात्राएं करेंगीं पुलिस की मदद, उत्पीड़न रुकेगा
मवाना। महिला उत्पीड़न व छेड़छाड़ की घटनाओं में हो रही बढ़ोत्तरी पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। कवच अभियान के अंतर्गत अब इंटरमीडिएट व कॉलेज की छात्राओं को प्रशिक्षण देकर पुलिस अपना मुखबिर बनायेगी। जिससे महिलाओं के प्रति होने वाली घटनाओं में कमी आएगी। जल्द पुलिस विभाग छात्राओं को एसपीओ कार्ड जारी करेगा। इसके लिए थानों को निर्देश दे दिए गए है।
राज्य व केंद्र सरकार महिला सुरक्षा व महिलाओं को सशक्तिकरण बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए है ताकि विपत्ति के समय महिलाएं हेल्पलाइन के जरिए पुलिस से सहायता से ले सके। इसके अलावा घटनाओं से निपटने के लिए अधिकारियों ने एक गाइड लाइन जारी की है। जिसके तहत इंटर व डिग्री कॉलेज में पढ़ रहीं छात्राओं को महिला उत्पीड़न के बारे में विस्तार से जानकारी दी जायेगी। साथ ही उन्हें सभी हेल्पलाइन नंबर, संबंधित धाराओं के बारे में जानकारी दी जायेगी। इन्हें आत्मरक्षा के गुर भी सिखाएं जाऐंगे। जिसके बाद यह छात्राएं कक्षा छह से लेकर कक्षा 11 तक पढ़ने वाली अन्य छात्राओं को जागरूक करेंगी। प्रशिक्षण के बाद पुलिस इन छात्राओं को शक्ति परी (पावर एंजिल) बनायेगी। साथ ही स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) कार्ड जारी करेंगी। यह छात्राएं कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं पर हो रहे अत्याचारों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न की जानकारी पुलिस को देंगी। जिससे समय रहते होने वाले अपराध का रोका जा सके। पुलिस विभाग पुरुषों को एसपीओ के कार्ड जारी करता था। अब पुलिस ने पुरुषों के साथ-साथ छात्राओं को इस वर्ग में शामिल किया है। एसपीओ छात्राएं महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़ के अलावा अस्पतालों में हो रहे कन्या भ्रूण हत्या के बारे में भी जानकारी देंगी।
पुलिस को मदद मिलेगी
पुलिस विभाग की यह अच्छी पहल है। इससे पुलिस को भी काफी सहायता मिलेगी। महिला उत्पीड़न, छेड़छाड़ की घटनाओं में लगाम लगने के साथ-साथ अन्य घटनाओं की भी पुलिस को समय से जानकारी मिल सकेगी। पुरुषों के साथ-साथ छात्राओं को भी मुखबिर तंत्र में शामिल करना अच्छी पहल है। यह महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा भी है। - विनय कुमार आजाद, थाना प्रभारी मवाना