मेरठ। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में रविवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें वीर रस के कवियों ने अपनी रचनाओं से माहौल को देशभक्ति पूर्ण बना दिया।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, चीफ प्रॉक्टर प्रो. वीरपाल सिंह, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता, समन्वयक प्रो. केके शर्मा ने किया। सम्मेलन के संयोजक कवि डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी कविता से माहौल में जोश भर दिया।
उन्होंने कहा कि नई सदी परमाणु बम के गहने पहने बैठी है, घायल धरती मां अंबर से पीड़ा कहने बैठी है। संभल के कवि डॉ. सौरभ कांत शर्मा ने धर्म रक्षा हेतु प्राण पण करें प्रतिकार, लव कुश जैसी संतान मांगता हूं मैं। दमन करें आसुरीय शक्तियों का राष्ट्र में जो, ऐसा वीर भक्त हनुमान मांगता हूं मैं से दर्शकों में जोश भर दिया। कवि डॉ. अर्जुन सिसोदिया ने युद्ध नहीं जिनके जीवन में, वह भी बड़े अभागे होंगे या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगे कविता सुनाई। डॉ. प्रवीण शुक्ल ने कहा कि खरे करता है सारे काम, कुछ खोटा नहीं करता।
अहम का अपने चारों ओर, परकोटा नहीं करता। मेरठ के कवि सुमनेश सुमन ने स्वाभिमान भारत का रथ यह कहीं नहीं रुकने देंगे और किसी दुश्मन के आगे देश नहीं झुकने देंगे से लोगों में जोश भर दिया। ग्वालियर के रविंद्र रवि ने सभी को इस जमाने में सभी चीजें नहीं मिलतीं सुनाई। कवि फखरी मेरठ ने हम उजालों के अलमदार हैं, हम सूरज हैं किसी कीमत पे, अंधेरे में नहीं आ सकते कविता सुनाई। ग्वालियर की श्वेता गर्ग स्वाति ने न्याय-न्याय मांग रहा है, न्याय के ठेकेदारों से, न्याय को अब कौन बचाए, न्याय के चौकीदारों से सुनाकर समाज की सच्चाई बताई।
इस दौरान प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, प्रो. राकेश कुमार, प्रो. अनिल मलिक, प्रो. दुष्यंत चौहान, डॉ. विवेक त्यागी, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. वैशाली पाटिल, डॉ. जितेंद्र गोयल, इंजीनियर प्रवीण कुमार, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।