मेरठ। बेसिक शिक्षा विभाग में नियमों को ताक पर रखकर 50 से अधिक शिक्षकों को अलग-अलग स्कूलों में संबद्ध किए जाने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। इस पर जिला अधिकारी ने बीएसए से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है। इससे गर्दन फंसती देख बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप है।
बीएसए सत्येंद्र ढाका का कहना है कि जो शिक्षक पूर्व में संबद्ध थे। उनके संबद्ध निरस्तीकरण की रिपोर्ट लॉकडाउन से पहले ही भेज दी गई थी। अब सवाल यह है कि जब खंड शिक्षा अधिकारियों और बीएसए ने 22 मार्च से पहले संबद्ध किए शिक्षकों के निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी। इसके बाद जुलाई और दो अगस्त को बड़ी संख्या में जारी संबद्धता के आदेश किसके हैं।
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जो शिक्षक पूर्व में अन्य स्कूलों से संबद्ध थे। उनकी रिपोर्ट लॉकडाउन से पहले ही भेज दी गई थी कि संबद्ध निरस्तीकरण कर दिए गए हैं।-सतेंद्र ढाका, बीएसए मेरठ