फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगीराज : बदमाशों ने घर में घुसकर पूर्व पार्षद को गोलियों से भूना, पहले भी हुआ था हमला

Wed, 17 May 2017 02:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
पूर्व पार्षद किन्नर पर बरसाईं ताबड़तोड़ गोलियां
विज्ञापन
मेरठ में लिसाड़ी गेट के श्यामनगर में मंगलवार दिनदहाड़े पूर्व पार्षद हाजी फाको उर्फ तासी (किन्नर) पर घर में घुसकर बदमाशों ने गोलियां बरसा दीं। फाको को पांच गोलियां लगीं। पुलिस इस हमले को गैंगवार से जोड़कर चल रही है।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार फाको श्यामनगर स्थित डीके फैक्ट्री कॉलोनी में अपने घर पर दोपहर करीब 12 बजे यामीन, रेशमा उर्फ छोटी और ताहिर से बात कर रहा था। इसी दौरान कपड़े खरीदने की बात कहकर दो बदमाश घर में घुस आए और फाको को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। जिसमें फाको को दो गोलियां पेट में, दो गोली पैर में और एक गोली हाथ में लगी। 

बदमाश भागने लगे तो यामीन और ताहिर ने शोर मचाकर उनका पीछा करने का प्रयास किया। दोनों बदमाश अपनी स्कूटी छोड़कर पीछा करते लोगों पर गोलियां चलाते पैदल ही फरार हो गए। लोगों ने फाको को आनंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया। 
विज्ञापन

फाको के पार्षद बनने पर किन्नरों में गुटबाजी शुरू हुई थी

पूरे परिवार में मचा कोहराम
पुलिस के मुताबिक फाको को पांच साल पहले भी गोली मारी गई थी। जबकि चर्चा है कि 15 साल पहले उसके घर को बम से उड़ाने की कोशिश की गई थी। फाको पर हमले के पीछे किन्नरों का एक गुट बताया गया, जो एक अपराधी से मिला हुआ है। फाको के पार्षद बनने पर किन्नरों में गुटबाजी शुरू हुई थी। कई बार एक-दूसरे की जान तक लेने का प्रयास भी हुआ।

किन्नर फाको के पास शास्त्रीनगर का इलाका है। वह किन्नरों का गुरु बताया जाता है। किन्नर शमशाद की साकेत में हत्या के मामले में नामजद सारिक ने सोमवार को ही कोर्ट में सरेंडर किया था। जिसके अगले दिन ही फाको पर जानलेवा हमला हो गया। पुलिस इसके पीछे सलमान और सारिक के बीच गैंगवार कारण मान रही है। चश्मदीद रेश्मा उर्फ छोटी ने एक बदमाश को पहचानने का दावा करते हुए कहा कि वह घंटाघर निवासी है। दूसरे चश्मदीद यासीन और ताहिर ने उसे नहीं पहचाना।
विज्ञापन

सलमान-शारिक में गैंगवार

घटना के बाद इकट्ठा हुए आसपास के लोग
पुलिस के मुताबिक कोतवाली निवासी जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर सलमान और सारिक में गैंगवार चल रही है। गैंगवार में एक साल पहले लिसाड़ीगेट चौपले पर और फिर 27 दिसंबर को साकेत में दो किन्नरों की हत्या हो चुकी है। इसके पीछे किन्नरों में इलाके से बधाई वसूलने को लेकर विवाद बताया गया। इलाके के बंटवारे में किन्नर अपराधियों से जुड़ गए, जिसके चलते किन्नरों पर हमले हो रहे हैं।

पोते ने दी थी सूचना
पुलिस के मुताबिक फाको के भाई का पोता सालिन दो दिन पहले टेंपो से स्कूल जा रहा था। उस टेंपो में कुछ युवक पहले से बैठे थे। जोकि फाको को रास्ते से हटाने की बात कर रहे थे। बच्चे ने यह बात अपने परिजनों से बताई थी। जिसके बाद फाको चौकस भी था। फाको दरवाजा अंदर से बंद रखता था। ताहिर ने कपड़े बेचने की बात कहकर दरवाजा खोला था। पुलिस इसकी जांच कर रही है। 

किन्नरों ने घेरा थाना, दबिश में पांच लाख बरामद
किन्नरों ने देर रात थाना लिसाड़ी गेट को घेरकर हंगामा काटा। एसओ धर्मेंद्र कुमार से  हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर घंटाघर पर दबिश देकर पांच संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। उधर, पुलिस ने कोतवाली में सारिक के भाई फईक के घर दबिश देकर पांच लाख रुपये बरामद किए। पुलिस का कहना है कि फाको के हमलावर भाड़े पर बुलाए गए, जिनको यह पैसा देना था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें