अकलपुरा में 169वां बलिदान दिवस मनाया, शिवकुमार राणा ने गांव-गांव जनजागरण का लिया संकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के अमर नायक और क्रांतिवीर बाबा नरपत सिंह का 169वां बलिदान दिवस बुधवार को ऐतिहासिक गांव अकलपुरा में देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महायज्ञ में आहुति देकर और अमर शहीद बाबा नरपत सिंह को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। छात्रा श्रेया धीमान द्वारा बनाए गए बाबा नरपत सिंह के चित्र को अध्यक्ष को भेंट किया गया।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी ठाकुर विक्रम सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह, आशीष प्रताप सिंह, ओम सिंह राणा और गौरवानंद महाराज मौजूद रहे।
विचार गोष्ठी में इतिहासकार डॉ. अमित पाठक और मेजर हिमांशु ने बाबा नरपत सिंह के शौर्य, अंग्रेजों के खिलाफ क्षेत्र के किसान-योद्धाओं के संघर्ष और उनके बलिदान की गाथा पर प्रकाश डाला। डॉ. रवींद्र धीमान ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत काव्य पाठ कर माहौल में जोश भर दिया। मुख्य अतिथि ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि बाबा नरपत सिंह के शौर्य और बलिदान की गाथा को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए। शिवकुमार राणा, ठाकुर पूरन सिंह समेत उपस्थित लोगों ने इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। अकलपुरा में शहीद स्मारक का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। अध्यक्षता सुभाष प्रधान और भगवत सिंह ने की। संचालन डॉ. अजय सोम ने किया।
इस मौके पर गिरवर सिंह, गजेंद्र सिंह, राहुल मुलेहड़ा, अजय सोम, नवल सोम, पूरन सिंह, चंद्रपाल सिंह, अंकुर, नकुल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे।
सात मांगें सर्वसम्मति से पारित
बाबा नरपत सिंह की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के लिए सात मांगें भी सर्वसम्मति से पारित की गईं। सलावा में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय में बाबा नरपत सिंह के नाम पर विभाग स्थापित करने, 1857 के स्थानीय इतिहास को पाठ्यक्रम में शामिल करने, बाबा नरपत सिंह शोध संस्थान की स्थापना करने, क्षेत्र के प्रमुख मार्ग का नामकरण करने, दादरी हाईवे पर स्मृति प्रवेश द्वार बनाने, अकलपुरा और आसपास के क्षेत्र में उनके नाम पर विद्यालय व महाविद्यालय स्थापित करने, तहसील मुख्यालय पर प्रतिमा स्थापित करने की मांग शामिल है।