गंगानगर एक्सटेंशन योजना के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहे 17 किसानों के खिलाफ मेरठ विकास प्राधिकरण के अवर अभियंता की ओर से भावनपुर थाने पर सामान चोरी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी लगने पर किसानों में आक्रोश है।
किला परीक्षितगढ़ रोड स्थित गंगानगर एक्सटेंशन योजना के पाकेट-बी में मुआवजे की मांग के लिए किसान दो सप्ताह से धरना दे रहे है। बुधवार को मेडा के अवर अभियंता प्रमोद कुमार वर्मा ने किसान विनोद मोगा, नरेश, अशोक, विरेंद्र, मूलचंद्र, लक्ष्मण, तिलकराम, महेश, विजय, सुशील, विजेंद्र, राजेंद्र सिंह, विनय सिंह, सतपाल सिंह, नेपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, धमेंद्र के खिलाफ चोरी और सामान खुर्दबुर्द करने की प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि इन किसानों ने मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से लगाए गए बोर्ड को उखाड़ दिया और सीवर लाइन को क्षतिग्रत कर दिया। सभी पर सीमेंट, लोहा उठाने का भी आरोप है।
उल्लेखनीय है कि भावनपुर थाना के किला परीक्षितगढ रोड स्थित गंगानगर एक्सटेंशन योजना के तहत खसरा नंबर 780, 781, ओर 782 की भूमि को मेडा ने 2002 में अधिग्रहण किया था। जिसका किसानों को 30 रुपये अवार्ड और 220 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर का मुआवजा देना था। किसानों का आरोप है कि समय पर मुआवजा देने की बजाय मेडा की टीम ने 15 दिसंबर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उनकी सरसों की फसल को बरबाद कर दिया। जिसके बाद मेडा की टीम ने जेसीबी चलाते हुए नींव खोदकर हदबंदी कर कब्जा कर लिया था। जिसके बाद आक्रोशित किसानों और महिलाओं ने खेतों पर तंबू लगाकर धरना देना शुरू कर दिया था। गत सप्ताह सोमवार को दोबारा से मेडा के जोनल अधिकारी अर्पित यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे और मजदूरों से काम कराने लगे। इस पर किसानों ने हंगामा करते हुए मजदूरों को खेतों से भगा दिया था। जिसके बाद मेडा की टीम बैरंग लौट गई थी।
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इंजन चोरी तक की नही हो सकी रिपोर्ट
वही दूसरी किसान नरेश, सुशील का कहना है कि उनके खेतों पर सिंचाई के लिए लगे हुए इंजन को रात को कुछ लोग उठा ले गए। उनके पानी की लाइन का बिछाने वाला प्लास्टिक पाइप तक को काटकर बेकार कर दिया। इसके बावजूद पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
तीन महिलाओं सहित 14 किसानों को किया जाएगा मुचलका पाबंद
भावनपुर पुलिस ने राजेंद्री, लक्ष्मी कुश्वाह, राजवती, विरेंद्र नरेश, सुशील, राजेंद्र, विजय, ऋषिपाल, सतपाल, जगदीश, नेपाल, सुरेंद्र, बिजेंद्र, धर्मेंद्र, के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट में रिपोर्ट भेज कर इन्हें मुचलका पाबंद करने का आग्रह किया गया है।