देवबंद निवासी युवक से दिल्ली एयरपोर्ट पर चेकिंग में 45 लाख की विदेशी करेंसी मिलने के बाद खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं। माना जा रहा है कि यह मामला हवाला से जुड़ा हो सकता है। मुजफ्फरनगर के भी दो सराफ सहित तीन लोग हवाला और टेरर फंडिंग के मामले में काफी समय से जेल बंद हैं।
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10 नवंबर 2019 को ही एनआईए की टीम ने मुजफ्फरनगर के थाना छपार क्षेत्र के गांव खामपुर निवासी जावेद अली को गिरफ्तार किया था। तब खुलासा हुआ था कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा को आतंकी गतिविधियों के लिए धन मुहैया कराया जा रहा है। इस मामले में एनआईए ने नवंबर-2017 में मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें मुजफ्फरनगर शहर के नामचीन सराफ आदीश कुमार जैन और दिनेश उर्फ अंकित गर्ग निवासी सराफा बाजार शामिल थे। जांच के दौरान छपार थाना क्षेत्र के गांव खामपुर निवासी जावेद अली का नाम भी प्रकाश में आया था। हवाला के जरिए सऊदी अरब से यहां धन भिजवाया था। एनआईए को दो साल से जावेद अली की तलाश थी। हवाला मामले में तीनों आरोपी अभी भी जेल में है। इसके अलावा शहर से सटे कई गांव में भी एनआईए कई बार आकर जांच कर चुकी है। इन गांव के अधिकांश युवक सऊदी अरब में रहते हैं, जो हवाला से धन भेजते है। साथ ही सोने की भी तस्करी करते हैं।
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