गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग से होकर गुजरा दिल्ली के पलवल के कांवडियों का जत्था-कलशा कांवड़ ला रहा जत
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कलश कांवड़ियों की बढ़ने लगी संख्या
सरधना। गंगनहरहर पटरी कांवड़ मार्ग पर इन दिनों आस्था का सैलाब उमड़ रहा हैं। अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार कांवड़िए हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर मंजिल की तरफ बढ़ रहे है। कोई झूला कांवड़ तो कोई खड़ी कांवड़ ला रहा है। वहीं कई शिवभक्त कलशों में गंगाजल लेकर आ रहे हैं।
मंगलवार को गंगनहर पटरी से कांवड़ियों का जत्था गुजरा। इसमें राजस्थान के साथ फरीदाबाद पलवल, दिल्ली के कांवड़िये शामिल रहे। भोले की मस्ती में झूमते गाते कांवड़िए मंजिल की तरफ बढ़ रहे हैं। मंगलवार को पलवल के दस कांवड़ियों का जत्था यहां से निकाला। सभी कलश कांवड़ लिए हुए थे। पलवल निवासी कांवड़ियां कारवा पुत्र महेश ने बताया कि वह पहली कांवड़ में 40 किलो गंगाजल लेकर आया था। उसने उस जल से अपनी माता आशा और पिता महेश को स्नान कराया। माता पिता कांवड़ नहीं ला सकते, क्योंकि वह वृद्ध हो चुके हैं। इस बार वह कलश कांवड़ में 80 किलो गंगाजल लेकर आ रहा है। इसी जत्थे में पंकज भोला 44 किलो गंगाजल, अरुण भोला 30 किलो गंगाजल, अमित 20 किलो, राहुल 20 किलो, हेमंत 35 किलो गंगाजल कलश कांवड़ में ला रहा हैं।