मेरठ। जिला मलेरिया विभाग ने इस साल जुलाई तक 3246 घरों का सर्वे किया है, जिसमें 112 जगह डेंगू का लार्वा मिला है। इनमें 100 जगह ऐसी थीं, जहां कूलर में लार्वा पनप रहा था। इस संबंध में मलेरिया विभाग ने 73 नोटिस दिए हैं।
मलेरिया विभाग की टीम ने सर्वे के दौरान छत पर पानी की टंकी देखी, ड्रम, नालियां और कूलर जांचें। सबसे ज्यादा लार्वा कूलर में मिले। जिन स्थानों पर कूलर में लार्वा मिला, वहां रहने वाले लोगों से टीम को पता चला कि कूलर में महीनेभर से पानी नहीं बदला गया है। जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि सर्वे के दौरान और इसके बाद भी लोगों को जागरूक किया गया। दिशा निर्देश दिए गए हैं कि दोबारा पानी भरा न रखें। अगर दोबारा भी लार्वा मिला तो पांच सौ रुपये तक जुर्माना वसूूला जाएगा। मेरठ में 2016. 2017 और 2018 में एक हजार से ज्यादा डेंगू के मरीज मिले हैं। साल 2016 में चिकनगुनिया 1103 मरीज मिले थे। मलेरिया विभाग की टीम ने मंगलवार को आर्यनगर और सूरजकुंड रोड में लार्वा चेकिंग की गई। यहां छह स्थानों पर लार्वा पाया गया।
क्या है डेंगू
मादा एडीज एजिप्टाई के काटने से डेंगू होता है। इसे टाइगर मच्छर भी बोला जाता है। ये साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। इस मच्छर के शरीर का आधार गहरे काले रंग का होता है। सफेद चमकीली पट्टियां होती हैं। सिर के पीछे के भाग पर सफेद चमकीली आकृति बनी हुई होती है।
यह बरतें सावधानी
सप्ताह में एक बार कूलर का पानी पूरा बदलें, रात में सोते वक्त पूरी बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी लगाएं, आसपास घरों में पानी भरा न रहने दें।
डेंगू के लक्षण
सिर, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द होना, तेज बुखार, जी मिचलाना, उल्टी हो जाना, गंभीर हालत होने पर नाक मुंह से खून आना।