सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव से बृहस्पतिवार की सुबह अगवा की गई अनुसूचित जाति की युवती को पुलिस ने शनिवार की शाम करीब छह बजे उत्तराखंड के रुड़की में खोज लिया। मुख्य आरोपी पारस सोम को भी उसके साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों रुड़की स्टेशन से हरिद्वार भागने की तैयारी में थे। रात 10:30 बजे दोनों को मेरठ लाया गया।
सरधना के कपसाड़ में बृहस्पतिवार सुबह युवती अपनी मां सुनीता के साथ खेत पर गन्ने की छिलाई करने जा रही थी। आरोप है कि गांव के रहने वाले पारस सोम, सुनील व दो अज्ञात युवकों ने उसका अपहरण कर लिया, विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से हत्या कर दी। इसकी प्राथमिकी सरधना थाने में दर्ज की गई। युवती की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उसी दिन से सरधना सियासी अखाड़ा बना हुआ हैं। शनिवार शाम 6:15 बजे मेरठ सर्विलांस टीम के इनपुट पर एसपी देहात हरिद्वार की टीम ने पारस सोम को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया और युवती को तलाश कर लिया। इसकी जानकारी लगने पर मेरठ और सहारनपुर पुलिस भी हरिद्वार पहुंच गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि घटना को अंजाम देने के बाद पारस सोम अपने एक रिश्तेदार के घर नागल सहारनपुर में युवती के साथ पहुंचा था। जहां पर दो दिन पारस ने फरारी काटी। अब वह हरिद्वार जाने के लिए रूड़की रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे तभी उनको पुलिस ने दबोच लिया। एसएसपी विपिन ताडा का कहना है कि युवती को कोर्ट में समक्ष पेश करेंगे। युवती के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई पुलिस करेंगी।
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जिले की सीमाएं सील नेताओं को बाॅर्डर पर रोका
तीन दिन से मामले में विपक्षी दल सरकार को घेरने में लगे रहे। शनिवार सुबह पुलिस ने सभी सीमाओं को सील कर दिया। काशी टोल प्लाजा पर सुबह सपा सांसद रामजी लाल सुमन और विधायक अतुल प्रधान को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान दोनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ धक्कामुक्की और नोकझोंक हुई। इसके बाद वह वहीं धरने पर बैठ गए।
शाम को आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गाजियाबाद से निकलकर बाइक से काशी टोल पर पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। उनके साथ भी धक्कामुक्की हुई। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया।
पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, सांसद तनुज पूनिया को काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया गया।