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अवैध खनन मामले में लगाया 3.9 करोड़ का जुर्माना, सीएम योगी ने लिया था मामले की संज्ञान

Mon, 16 Mar 2020 11:35 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

खनन पट्टे में अनियमितता पर पट्टा धारक पर 3.90 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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अवैध खनन मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बागपत में बदरखा के खनन पट्टे में अनियमितता पर पट्टा धारक पर 3.90 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीएम ने यह कार्रवाई खनन निदेशक डॉ. रोशन जैकब की सख्ती के बाद की है। इस कार्रवाई के बाद खनन माफिया में हड़कंप मच गया है। 

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यमुना में अवैध खनन की गूंज सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद खनन निदेशक डॉ. रोशन जैकब ने जांच टीम गठित की थी। जांच टीम को बदरखा में चल रहे पट्टे में अनियमितता मिली थी। यहां 98 हजार 483 घन मीटर अवैध बालू का खनन किया गया था। खनन योजना एवं पर्यावरण स्वच्छता प्रमाण पत्र की शर्तों का पालन भी नहीं किया गया। नियमावली के अनुसार प्रत्येक चूक के लिए प्रति अवसर 50 हजार रुपये की दर से जुर्माना लगाया गया है। 

खनन निदेशक ने डीएम शकुंतला गौतम को पट्टा धारक के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिसके बाद प्रशासन ने पट्टा धारक पर अनियमितता बरतने के कारण जुर्माना लगाया है।
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क्या था मामला
भाजपा विधायक योगेश धामा ने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की थी कि यमुना में अवैध खनन किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बावजूद रोक नहीं लगी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्ती दिखाते हुए लखनऊ से जांच टीम भेजी थी। जांच में पाया गया कि 98 हजार 483 घन मीटर की अनियमितता की गई है। 

प्रशासन का तर्क
बदरखा में खनन पट्टे के मामले में प्रशासन ने तर्क दिया था कि बार- बार कार्रवाई की गई है। ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए और पट्टा धारक पर पहले भी मुकदमा दर्ज कराया गया था। प्रशासन ने कई बार यमुना में छापेमारी भी की थी। सड़क बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है।

क्यों नाराज हैं ग्रामीण
बदरखा में खनन से गांव के रास्ते टूट गए थे। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत की। बार- बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हो सका था। जिससे नाराज ग्रामीणों ने यहां जांच करने पहुंची टीम के सामने भी हकीकत रखी थी। ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव से गुजरना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा तनाव के हालात हैं। कभी भी झगड़ा हो सकता है।

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