किसानों ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम रोका
सरधना। तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाले ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए पोहल्ली के निकट अधिग्रहण की गई भूमि का किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। जिसके चलते पीड़ित किसान मेरठ-करनाल हाईवे किनारे अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। धरने को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक किसानों की सुध नहीं ली है। वहीं, भाकियू नेताओं ने भी धरनास्थल पर पहुंच कर किसानों को अपना समर्थन दिया।
किसानों ने साफ कहा कि जब तक उनकी भूमि काउचित दाम नहीं मिलता है, तब तक भूमि पर रेलवे लाइन का काम नहीं होने दिया जाएगा। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रंट कॉरिडोर की रेलवे लाइन खिर्वा, जंगेठी, पोहल्ली आदि गांवों से होकर गुजरनी है। इसके लिए रेलवे ने किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया है। पोहल्ली गांव में करीब 200 किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
किसानों का आरोप है कि अभी तक भूमि का मुआवजा नहीं मिला है। जबकि आसपास गांव के किसानों को मुआवजे का पैसा मिल चुका है, लेकिन पोहल्ली के किसान अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। सर्किल रेट को ध्यान में रखते हुए किसानों को दाम नहीं दिए जा रहे हैं। अन्य गांव में पांच हजार रुपये तक भूमि ली गई है, लेकिन पोहल्ली के किसानों की भूमि मात्र 16 सौ रुपये मीटर की दर से ली जा रही है। जबकि बैनामा में रेट दो हजार रुपये से भी अधिक देखे जा सकते हैं। किसानों को मिलने वाला अनुदान भी अभी तक बैंक में अटका हुआ है। रेलवे ने अनुदान जारी कर दिया है, लेकिन अधिकारी उसे देने को तैयार नहीं हैं। जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।
शनिवार को भाकियू नेताओं ने भी धरने पर पहुंच कर समर्थन दिया। कहा कि जरूरत पड़ने पर किसानों के हक में आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर मुन्नालाल सैनी, कील, कृष्णपाल, इकबाल खान, मुन्ना अंसारी, भीष्म, रविंद्र प्रधान, आसिफ, बालेश्वर, भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र, नवाब सिंह अहलावत, सतबीर जंगेठी, रविश प्रधान आदि रहे।