मुजफ्फरनगर। किसान दिवस में समस्याएं लेकर किसान पहुंचे तो जिला पंचायत सभागार में जगह कम पड़ गई। किसी ने मेज पर जगह बनाई तो कोई खड़ा ही रह गया। पुरबालियान गांव की चकबंदी पर हंगामा हुआ। आरोप-प्रत्यारोप लगे। अनुसूचित जाति की महिलाओं ने जमीन मांगी। महिला दिलरुबा ने जमीन को खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया और अधिकारियों के सामने ही आंसू बहाने लगी।
बुधवार को अधिकारियों की उम्मीद से ज्यादा किसान पहुंचे तो यहां इंतजाम कम पड़ गए। ऐसे में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भाकियू नेता नीरज पहलवान के साथ पुरबालियान की अनुसूचित जाति की महिलाएं पहुंची और अपनी जमीन मांगी। कुर्सियों से खड़ी होकर महिलाएं डायस के सामने पहुंची।
भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने सुधीर पंवार के नेतृत्व में पुरबालियान की चकबंदी का मामला रखा। काफी देर तक हंगामा होता रहा। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने किसी तरह मामला शांत कराया और चकबंदी अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान होना चाहिए। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, उपनिदेशक कृषि संतोष कुमार मौजूद रहे।
- किसानों ने रखीं 50 समस्याएं, समाधान का भरोसा
किसानों ने विभिन्न विभागों से जुड़ीं 50 समस्याएं रखीं। एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का समाधान होना चाहिए। प्रदूषण, ओवरलोड वाहन, यातायात व्यवस्था, भैसाना चीनी मिल का बकाया भुगतान, जनकपुरी में प्रदूषित जल, बिजली आपूर्ति और सहकारी समितियों पर ब्याज के बजाए पूरा बकाया जमा कराने का मुद्दा छाया रहा।
- गुड़ की ब्रांडिंग पर ध्यान दें कोल्हू संचालक
डीएम उमेश मिश्रा ने कोल्हू संचालकों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर देने का आह्वान किया। किसान दिवस में कुछ देर के लिए पहुंचे डीएम ने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद योजना के अन्तर्गत कोल्हू संचालकों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा और कोल्हू उद्योग के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वाले कोल्हू संचालकों को नेतृत्व दिया जाएगा। किसानों को अनुदान पर कृषि निवेश एवं अन्य उपकरणों की जानकारी दी गई।
- हमारी सुनो...यह यूनियन दिवस नहीं
पीनना के किसान और आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने अधिकारियों से कहा कि आम किसानों की समस्याएं भी सुननी चाहिए। अलग-अलग यूनियन के पदाधिकारी पहुंचकर ही अपनी बात रखते हैं, आम किसान की सुनवाई नहीं होती। इस पर किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई। बाद में गणमान्य लोगों ने बीच-बचाव कराया।
जिला पंचायत सभागार में खड़े होकर किसान दिवस में शामिल हुए किसान : ब्यूरो- फोटो : संवाद
जिला पंचायत सभागार में खड़े होकर किसान दिवस में शामिल हुए किसान : ब्यूरो- फोटो : संवाद
जिला पंचायत सभागार में खड़े होकर किसान दिवस में शामिल हुए किसान : ब्यूरो- फोटो : संवाद