दौराला। बेटा पढ़-लिखकर कामयाब बने और अपने परिवार को मुफलिसी भरी जिंदगी से निकाले, इसी उम्मीद से परिजन प्रतिदिन बेटे को स्कूल भेजते थे। लेकिन, बेटा स्कूल जाने की बजाए दौराला चौराहे पर भीख मांगता था। सोमवार को दौराला थाने की एंटी रोमियो टीम ने ऑपरेशन खोज के तहत बच्चे को दौराला चौराहे पर भीख मांगने के दौरान उससे पूछताछ की और स्कूल लेकर पहुंची।
एंटी रोमियो टीम में शामिल एसआई खुशबू यादव ने बताया कि सोमवार को वह ऑपरेशन खोज के तहत चेकिंग अभियान चला रहे थे। उन्होंने दौराला चौराहे पर एक बच्चे को भीख मांगते हुए देखकर उसे अपने पास बुलाया। पूछताछ में पता चला कि बच्चा दौराला थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है और दौराला स्थित एक इंटर कॉलेज में कक्षा तीन का छात्र है। बच्चा प्रतिदिन घर से स्कूल में पढ़ने जाने के लिए निकलता था, लेकिन स्कूल नहीं जाता था। टीम बच्चे को लेकर स्कूल पहुंची तो कक्षा अध्यापक से पता चला कि दाखिले के बाद बच्चा 15-20 दिन ही स्कूल आया। कई बार उसके माता-पिता को सूचित किया गया, लेकिन हर बार वह स्कूल भेजने की बात कहते। बच्चे के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। अध्यापक ने बच्चे के परिजनों को जानकारी दी और बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया।