उधर, नगर निगम में प्रस्ताव पास होने के बाद निगम प्रशासन ने भवन नामांतरण पर नया शुल्क निर्धारित कर दिया है। यह व्यवस्था 16 जून से लागू हो गई। अब शहर में भवन नामांतरण कराने पर पांच से 50 हजार रुपये तक शुल्क नगर निगम कोष में जमा करना होगा। अब से पहले भवन नामांतरण का शुल्क सिर्फ पांच सौ रुपये होता था।
शहर में भवन नामांतरण से निगम को खास आय नहीं हो रही थी। 27 अगस्त 2019 को हुई बोर्ड बैठक में नगर निगम प्रशासन ने नया प्रस्ताव बैठक में रखा। इसके तहत एक लाख से 10 लाख की कीमत वाले मकान पर पांच हजार रुपये, 10 से 20 लाख तक की कीमत वाले मकान पर 10 हजार रुपये, 20 से 50 लाख की कीमत वाले मकान पर 25 हजार रुपये, और 50 लाख से ज्यादा कीमत वाले मकान पर 50 हजार रुपये नामांतरण शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। इसको बोर्ड बैठक में पास कर दिया था। निगम ने अब इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने का काम किया है। 16 जून से नया नामांतरण शुल्क लागू कर दिया गया है।
निगम ने ऐसे भवन स्वामी जिनको वसीयत या पिता से मिले भवन को अपने नाम दर्ज कराना है या फिर पिता या माता की मृत्यु के बाद संतान के नाम मकान होना है, ऐसे लोगों को 1000 रुपये नामांतरण शुल्क जमा करना होगा। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि नया सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है। इसके माध्यम से यह शुल्क जमा किया जाएगा।
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