- गुड फ्राइडे पर नफरत छोड़कर प्रेम अपनाने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। प्रभु यीशु के बलिदान और उनके बताए प्रेम, दया, करुणा और क्षमा के संदेशों को याद किया गया। ईसाई समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कर उन्हें नमन किया।
गुड फ्राइडे को ईसाई समुदाय द्वारा दुख और तपस्या के दिन के रूप में मनाया जाता है। श्रद्धालुओं ने व्रत, उपवास और संयम रखकर प्रभु यीशु के बलिदान को स्मरण किया। फादर मार्टिन रावत ने बताया कि यह दिन मानवता के उद्धार और पापों से मुक्ति के लिए प्रभु यीशु द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। प्रार्थना सभा के दौरान प्रभु यीशु के अंतिम सात वचनों का वाचन किया गया।
धर्मगुरुओं ने कहा कि यीशु मसीह ने अपने जीवन से प्रेम, त्याग, दयालुता और क्षमा का जो संदेश दिया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। चर्च परिसर में प्रभु यीशु के दुखों को दर्शाते चौदह मुकामों (स्टेशंस ऑफ द क्रॉस) पर विशेष प्रार्थना कराई गई। श्रद्धालुओं ने हर मुकाम पर रुककर यीशु के कष्टों को याद किया और आत्ममंथन किया।
फादर वलेरियन पिंटो ने कहा कि प्रभु यीशु ने अपने विरोधियों के लिए भी क्षमा की प्रार्थना की, जो मानवता के लिए सबसे बड़ा उदाहरण है। विशेष प्रार्थना में बीमार, दुखी, गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए भी दुआएं मांगी गईं। पवित्र क्रूस की उपासना की गई और श्रद्धालुओं को परम प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान चर्च में फादर पीटर प्रकाश, फादर विजय, फादर रोपित, फादर मंगल, प्रोफेसर क्रिस्टीना आदि मौजूद रहे।