एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ एसीजेएम नगीना की कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। परिवाद दाखिल करने वाले अधिवक्ता प्रदीप चौधरी ने आरोप लगाया है कि ओवैसी ने जाटों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमान किया है। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख नियत की है।
नगीना में वकालत कर रहे प्रदीप चौधरी एडवोकेट द्वारा एसीजेएम नगीना की कोर्ट में दाखिल परिवाद में कहा गया है कि वह जाट महासभा नगीना के महामंत्री हैं और जाट क्रांति व्हाट्सएप ग्रुप के सदस्य हैं। वह समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाते हैं। आरोप है कि एआईएमआईएम के अध्यक्ष एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों से सौहार्द बिगाड़ने का कार्य करते हैं। जाट बिरादरी को अपमानित करने के उद्देश्य से गलत भाषणबाजी करते हैं।
प्रदीप चौधरी ने कहा कि पांच जनवरी 2020 को असदुद्दीन ओवैसी का भाषण सुना, जिसमें वह बोल रहे हैं कि 2015 में हरियाणा में जाटों ने जेहाद किया और 300 लोगों को मारा। आरोप है कि पूरी जाट कौम के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर इस कौम से सतर्क रहने की बात कही। भाषण में कई अमर्यादित कथन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी अपमान किया। इससे जाट बिरादरी की छवि धूमिल हुई है। अधिवक्ता प्रदीप चौधरी ने न्यायालय से असदुद्दीन ओवैसी को तलब कर दंडित करने की मांग की है।
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