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ईंट भट्ठे की दीवार गिरने पर मची चीख-पुकार, दो युवतियों की मौत से परिवार में कोहराम

Fri, 19 Jan 2018 04:17 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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दो युवतियों की मौत से परिवार में मचा कोहराम - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बागपत में ईंट भट्ठे की भराई से पहले दीवार की लिपाई कर रही तीन दलित लड़कियां दीवार गिर जाने से मलबे में दब गई। मजदूरों और आसपास के लोगों ने किसी तरह मलबे से तीनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक दो लड़कियों की मौत हो चुकी थी।

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गंभीर घायल तीसरी युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों ने हंगामा कर पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। सूचना मिलते ही एसडीएम बड़ौत अरविंद कुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे और नाराज लोगों को निष्पक्ष कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
 
मवी कलां गांव के खेतों में स्थित ईंट भट्ठे की भराई का कार्य तैयारी चल रहा है। भराई से पहले भट्ठे के चारों ओर की दीवारों की लिपाई कराई जा रही है। बृहस्पतिवार को दोपहर के समय लिपाई के दौरान अचानक दीवार का कुछ हिस्सा भरभराकर गिर गया।  मलबे में काम कर रही दलित वेदपाल की बेटी रूबी (21), विजय पाल की बेटी ज्योति (15) और बिजेंद्र की पुत्री काजल (17) मलबे में दब गई। हादसे से अफरा-तफरी मच गई। 
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अन्य मजदूरों ने शोर मचा दिया। मौके पर पहुंचे भट्ठा कर्मचारियों और खेतों में काम कर रहे किसानों ने बड़ी मशक्कत कर मलबे से तीनों लड़कियों को निकाला, लेकिन तब तक रूबी और ज्योति की मौत हो चुकी थी। 

काजल को बेहोशी की हालत में बालैनी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजन दोनों लड़कियों के शव लेकर अपने घर पहुंचे। चीख-पुकार मच गई। 

सूचना मिलते ही पुलिस भी गांव में पहुंची और प्रकरण की जानकारी ली। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और पुलिस को शव नहीं उठाने दिए। इससे हंगामे की स्थिति बन गई। इस बीच बड़ौत एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी, खेकड़ा सीओ वंदना शर्मा और बालैनी पुलिस भी मौके पर पहुंची।

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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
एसडीएम ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, बालैनी थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने कहा मामले की जांच कर कार्रवाई होगी। 

लोगों ने बताया कि  भट्ठे की दीवार गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले फैजपुर-निनाना गांव के एक परिवार के चार सदस्य पड़ोस में स्थित भट्ठे पर काम करते समय दीवार के नीचे दब गए थे। इससे उनकी मौत हो गई थी। 

मां-बाप चीखते रहे, जिंदगी-मौत के बीच फंसी रही बिटिया
ग्रामीणों के मुताबिक काजल अपने पिता बिजेंद्र और माता मैम कलां के सामने ही दीवार के नीचे दबी है। मलबे में दबी काजल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। बिटिया को मौत के भंवर में देखकर मां-बाप के हाथ पैर फूल गए। दोनों चीखते रहे। गंभीर हालत में काजल को अस्पताल में भर्ती कराया है।

बाल श्रम में फंस सकता है भट्ठा मालिक
मृतक किशोरी ज्योति की उम्र 15 साल है। जो बाल श्रम की श्रेणी में आती है। ऐसी स्थिति में भट्ठा मालिक पर शिकंजा कसा जा सकता है। हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवारों को भट्टा मालिक ने हर संभव मद्द करने का आश्वासन दिया गया है।

ये मजदूर काम कर रहे थे हादसे के समय
मवी कलां निवासी बबलू  अपनी पत्नी पिंकी के साथ दीवार पुताई का काम कर रहा था। इसके अलावा बिजेंद्र, उसकी पत्नी मैम कलां, बेटी काजल, रूपेश पुत्र पीतम, निर्दोष पुत्र जयपाल, पूनम पत्नी निर्दोष, सोनिया पुत्री वीरपाल भी काम कर रही थी।

दो माह पहले हुआ था ज्योति के पिता का निधन
किशोरी ज्योति के पिता विजयपाल की दो माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। ज्योति के दो भाई और दो बहन हैं। वहीं रूबी के चार बहन और दो भाई है।

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