एसडीएम ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, बालैनी थाना प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने कहा मामले की जांच कर कार्रवाई होगी।
लोगों ने बताया कि भट्ठे की दीवार गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले फैजपुर-निनाना गांव के एक परिवार के चार सदस्य पड़ोस में स्थित भट्ठे पर काम करते समय दीवार के नीचे दब गए थे। इससे उनकी मौत हो गई थी।
मां-बाप चीखते रहे, जिंदगी-मौत के बीच फंसी रही बिटिया
ग्रामीणों के मुताबिक काजल अपने पिता बिजेंद्र और माता मैम कलां के सामने ही दीवार के नीचे दबी है। मलबे में दबी काजल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही थी। बिटिया को मौत के भंवर में देखकर मां-बाप के हाथ पैर फूल गए। दोनों चीखते रहे। गंभीर हालत में काजल को अस्पताल में भर्ती कराया है।
बाल श्रम में फंस सकता है भट्ठा मालिक
मृतक किशोरी ज्योति की उम्र 15 साल है। जो बाल श्रम की श्रेणी में आती है। ऐसी स्थिति में भट्ठा मालिक पर शिकंजा कसा जा सकता है। हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवारों को भट्टा मालिक ने हर संभव मद्द करने का आश्वासन दिया गया है।
ये मजदूर काम कर रहे थे हादसे के समय
मवी कलां निवासी बबलू अपनी पत्नी पिंकी के साथ दीवार पुताई का काम कर रहा था। इसके अलावा बिजेंद्र, उसकी पत्नी मैम कलां, बेटी काजल, रूपेश पुत्र पीतम, निर्दोष पुत्र जयपाल, पूनम पत्नी निर्दोष, सोनिया पुत्री वीरपाल भी काम कर रही थी।
दो माह पहले हुआ था ज्योति के पिता का निधन
किशोरी ज्योति के पिता विजयपाल की दो माह पहले बीमारी से मौत हो गई थी। ज्योति के दो भाई और दो बहन हैं। वहीं रूबी के चार बहन और दो भाई है।
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