मेरठ। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पर लगे पांच हजार रुपये रिश्वत लेने और मिठाई के डिब्बे गाड़ी में रखवाने के आरोपों की जांच की जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा इसकी जांच करेंगे और 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सहायक आयुक्त दीपक सिंह को देंगे। उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
रक्षाबंधन त्योहार पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए जांच करने गई खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पर व्यापारियों ने गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप हैं कि मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी बुढ़ाना गेट पर हुकुमचंद पेठे वालों के यहां पहुंचे और वहां पांच हजार रुपये की रिश्वत ली। जिस पेठे के नमूने लिए उसी को खाया और उसी पेठे के डिब्बे अपनी गाड़ी में रखवाए। गाड़ी में डिब्बे रखवाते हुए और पेठा खाते हुए दुकान में लगे सीसीटीवी की पांच मिनट 12 सेकंड की फुटेज क्लिप है, जो वायरल हो रही है।
बुधवार को इस मामले में पेठे वाले व्यापारी वीरेंद्र रस्तोगी, संयुक्त व्यापार संघ मंत्री अंकुर गोयल, बुढ़ाना गेट व्यापार संघ के महामंत्री मयूर अग्रवाल, सगाशा व्यापार संघ के अध्यक्ष अंबुज रस्तोगी और ईशान सिंघवाल के साथ मेडिकल कॉलेज में खाद्य सुरक्षा विभाग के कार्यालय पहुंचे थे। हंगामा करते हुए इस मामले की जांच कराने की मांग की थी। इस मामले में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा ने बताया कि सहायक आयुक्त ने उन्हें इस मामले की जांच सौंपी है, वह जांच कर रिपोर्ट देंगे।