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SC-ST Act: मुजफ्फरनगर में तनाव बरकरार, हिंसा में 41 उपद्रवियों को जेल भेजा

Wed, 04 Apr 2018 03:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर बवाल की फोटो - फोटो : अमर उजाला
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एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन में हिंसा करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ पुलिस ने नगर के तीनों थानों में 27 मुकदमे दर्ज किए हैं, जिनमें शहर कोतवाली पर एक, नई मंडी और सिविल लाइन थाने पर 13-13 मुकदमे दर्ज किए गए। उधर, जीआरपी और आरपीएफ ने एक-एक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने दलितों के संगठनों के नेताओं को नामजद करते हुए करीब 300 अज्ञात में उपद्रवियों को नामजद किया है। बाकी मुकदमे पीएनबी के अधिकारियों और पब्लिक की ओर से दर्ज किए हैं। पुलिस ने 34 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि आरपीएफ ने सात लोगों का चालान किया है। 

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नई मंडी इंस्पेक्टर हरशरण शर्मा की ओर से दलित संगठनों के पदाधिकारी विकास मेडियन बागोवाली, उपकार बावरा, संजीव निवासी जैन नगर खतौली, सन्नी सिल्लान निवासी रामपुरी को नामजद करते हुए करीब 300 अज्ञात में उपद्रवियों के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए प्रेरित करना, बलवा, ट्रेन रोकना, पुलिस पर फायरिंग, आगजनी करना, लोक संपत्ति का नुकसान पहुंचाना आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। एफआईआर में बताया गया कि पुलिस ने जवाब में आंसू गैस के गोले छोडे़ और रबड़ की गोलियां और एंटी राइट गन चलाई। हमले में 17 पुलिस कर्मी के घायल होने का उल्लेख एफआईआर में किया गया है। साथ ही यहां हिंसा में 16 चार पहिया वाहनों के अलावा छह बाइकों में आग लगाना, एक कार व तीन बाइकों में तोड़फोड़ करना बताया है। नईमंडी कोतवाली पर ही पीएनबी स्टाफ मुकेश कुमार, निशांत कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार ने फूंके जाने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीएनबी के एजीएम सुनील रावला ने एटीएम में तोड़फोड़ करने, सेतू कुमार सिंघल ने थाने के सामने खोखा फूंके जाने, सतीश मलिक ने कार्यालय में तोडफोड़ किए जाने तथा लेपटॉप व कैमरा लूटने, रोडवेज कर्मी विकास चौधरी ने बस जलाने का मुकदमा दर्ज कराया है।

उधर, सिविल लाइन थाने पर सदर बाजार में गारमेंटस के शोरूम मालिक व्यापारी नेता बिजेंद्र गोयल, सिखेड़ा के एसआई महेश सिंह की ओर से भीम आर्मी सदस्यों के खिलाफ बाइक जलाने, खालापार के मोहम्मद आरिफ हुसैन ने हमला करने, साकेत कालोनी के विकास कुमार ने कार में तोड़फोड़ करने, देवबंद के मोहल्ला कायस्थवाडा के मनोज कुमार जैन ने भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा मारपीट करने, गांधीनगर के प्रदीप सैनी ने जायलो कार में तोड़फोड़ करने, जेल फाटक निवासी राहुल शर्मा ने भीम आर्मी के सदस्यों द्वारा बाइक तोड़ऩे, अंबा विहार के मोहम्मद इसरार सैफी ने कार में तोडफ़ोड़ करने, गांधीनगर के नितिन ने उसकी डस्टर कार में तोडफोड़ करने, खांजापुर निवासी बलराज सिंह ने एसडी तिराहे पर दुकान के बाहर खड़ी कार में तोड़फोड़ करने, रेलवे स्टेशन पर पार्किंग चलाने वाले बशेश्वर दयाल ने पार्किंग में खड़ी तीन कारों में तोड़फोड़ करने, जेल फाटक स्थित मंदिर के पुजारी मुकेश भारद्वाज ने बाइक तोड़ऩे, रोडवेज बस चालक साल्हाखेडी निवासी हरेंद्र सिंह ने महावीर चौक पर बस पर पथराव कर तोड़फोड़ करने के मुकदमे दर्ज कराए। उधर, शहर कोतवाली में आलू मंडी निवासी प्रदीप गोयल पुत्र सुरेश चंद ने 30-40 अज्ञात के खिलाफ मारपीट करने, धारदार हथियारों से हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने इस मामले में कुटेसरा निवासी सुबोध, छपरा निवासी अरुण, कसौली निवासी हरेंद्र, खालसा पट्टी निवासी प्रदीप, आबकारी निवासी अर्जुन, छपरा निवासी राजू, अब्दुलपुर निवासी सावन और सुजडू निवासी संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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जीआरपी और आरपीएफ में भी मुकदमे दर्ज

मुजफ्फरनगर बवाल की फोटो - फोटो : अमर उजाला
एससी-एसटी एक्ट में तब्दीली के विरोध के सड़कों पर आए दलित युवकों को उकसाने, बवाल कराने के पीछे अफसरों ने चार मुख्य चेहरों को चिह्नित किया है। जीआरपी एसओ इंद्रजीत की ओर से विकास मेडियन, उपकार बावरा, संजीव और सन्नी को नामजद करते हुए करीब 700 की अज्ञात भीड़ के खिलाफ कई संगीन धाराओं में अभियोग दर्ज किया गया है। इसी तरह से आरपीएफ ने भी स्टेशन, रेलवे संपत्ति, यात्रियों से मारपीट, तोडफ़ोड़ के आरोप में मुदकमे दर्ज किए हैं। आरपीएफ ने सात लोगों को पकड़कर जेल भेजा है, अन्य आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है।

बसपा नेताओं की धरपकड़ के लिए दबिश दी
पुलिस ने कस्बे व कई गांवों में बसपा नेताओं की धरपकड़ करने के लिए दबिश दी। नेताओं के नहीं मिलने पर पुलिस ने उनके घरों की तलाशी ली। धरपकड़ में कोई भी नेता पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। थाना प्रभारी कुशलपाल सिंह ने बताया कि अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने टीमें बनाकर कस्बे सहित गांव काकड़ा में अमित कुमार व निरमानी में धर्मेंद्र कुमार के यहां तथा गांवों में बसपा नेताओं के घर दबिश देकर तलाशी ली। इन नेताओं के घर कोई भी नहीं मिला। कस्बे में जिन बसपा नेताओं के यहां दबिश देकर तलाशी ली गई, पुलिस ने उनके नाम का खुलासा नहीं किया है।

भारत बंद के दौरान हुए बवाल और उपद्रव के बाद मंगलवार को कमिश्नर और डीआईजी ने जिले में डेरा डाल लिया है। प्रशासन जनपद में शांति व्यवस्था को लेकर चौकन्ना दिखाई दिया। पुलिस और प्रशासन की चूक से सोमवार को भारत बंद के दौरान हुए बवाल के बाद जनपद में शांति व्यवस्था को लेकर सहारनपुर के मंडलायुक्त चंद्र प्रकाश त्रिपाठी और डीआईजी शरद सचान ने डेरा डाल लिया है। जिले में प्रशासन पूरी तहर अलर्ट रहा। दोनों अफसरों ने जिले के अधिकारियों से पल-पल की खबर ली। 

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