यूपी में मुजफ्फरनगर जिले के कस्बे में पिछले एक माह से इमामबाड़ा की भूमि को लेकर चल रहे विवाद को लेकर शनिवार को प्रशासन ने इमामबाड़ा की जर्जर दीवार को गिरवा दिया। भीड़ को पुलिस ने लाठियां फटकार खदेड़ा। विरोध को देखते हुए एसडीएम और सीओ मौके पर पुलिस व पीएसी बल के साथ मौजूद रहे।
मोहल्ला चौक में स्थित इमामबाड़ा की भूमि को लेकर शिया समुदाय और कुरैशी समाज के कुछ लोगों के बीच विवाद चला आ रहा है। कुरैशी समाज के एक व्यक्ति का कहना था कि वर्षों पहले उसके पिता ने जमीन खरीदी थी। जबकि शिया समुदाय के लोगों का कहना है कि वे पिछले 110 वर्षों से इमामबाड़ा में मजलिस करते आ रहे हैं। उन्होंने इस इमामबाड़ा को एक परिवार को देखभाल करने के लिए भूमि दी थी। वह इस भूमि पर अपना दावा कर रहा है। इमामबाड़ा पुराना होने के कारण उसकी दीवारें जर्जर हालत में हो गई थी, और कभी भी गिर सकती हैं। जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता था। शिया समुदाय लोगों के 11 सितंबर को मोहर्रम होने के चलते उन्होंने प्रशासन से जर्जर दीवारों को गिरवाने की मांग की थी। प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों को अपने साक्ष्य देने व समझौता कराने की कोशिश भी की गई थी। शिया समुदाय ने इमामबाड़ा के वक्फ बोर्ड में दर्ज होने के साक्ष्य दे दिए थे। इमामबाड़ा की जर्जर दीवारों के गिरने से मजलिस के दौरान कोई हादसा न हो। इसलिए प्रशासन ने मौके पर पुलिस व पीएसी बल तैनात कर जेसीबी द्वारा जर्जर दीवारों को गिरवा दिया।