महापौर सुनीता वर्मा ने भी मौका-मुआयना किया। नगरायुक्त डॉ. अमितपाल शर्मा ने निगम के तीन अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी। टीम ने जांच रिपोर्ट शनिवार को नगरायुक्त को सौंप दी है। यह गोपनीय जांच रिपोर्ट सोमवार को निगम में सार्वजनिक भी हो गई। सोशल मीडिया पर जांच रिपोर्ट देख जांच कमेटी में शामिल अधिकारी भी हैरत में रह गए।
इन पर गिर सकती है गाज
निगम के अधिशासी अभियंता विकास कुरील, तत्कालीन सहायक अभियंता नानक चंद व राजेन्द्र ने बजट प्रस्ताव तैयार किया था। इनके प्रस्ताव पर तकनीकी रिपोर्ट जेई पदम सिंह ने दी। बजट प्रस्ताव और मौका-मुआयना करने वाली मंडलीय समिति ने भी 300 मीटर सड़क को 600 मीटर ही मान झूठी रिपोर्ट दे दी।
इस समिति में नगर निगम के अधिशासी अभियंता अमित शर्मा, सहायक अभियंता राजवीर, केके सिंघल, पीडब्लूडी के सहायक अभियंता महेश बालियान और अधिशासी अभियंता वेदपाल सिंह शामिल थे। पर्यवेक्षण निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत कुमार ने किया। इन सभी 10 इंजीनियरों पर गाज गिर सकती है।
शासन से तय होगी कार्रवाई
अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार की समिति ने जांच रिपोर्ट सौंप दी है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। अग्रिम कार्रवाई वहीं से होगी। -डॉ. अमितपाल शर्मा, नगरायुक्त।