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Meerut News: सेना के हवलदार की हत्या के मामले में टीम गठित, बुलंदशहर पहुंचकर की जांच

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नोट: बुलंदशहर और गौतमबुद्धनगर के ध्यानार्थ
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पत्नी, नशा मुक्ति केंद्र के मालिक समेत आठ के खिलाफ पुलिस ने दर्ज की है हत्या की प्राथमिकी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जेवर के अहमदपुर चौरौली गांव निवासी सेना के हवलदार ललित कुमार (38) की हत्या के मामले में जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। इसमें टीपीनगर थाना प्रभारी के अलावा, एफएसएल टीम और महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी पत्नी माधवी से पूछताछ की। इसके बाद टीम उसे बुलंदशहर के आवास विकास स्थित उसके घर लेकर गई है। टीम ने नशा मुक्ति केंद्र की भी पड़ताल की है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन के बाद इस मामले में कार्रवाई जाएगी।
गौतमबुद्धनगर जनपद के अहमदपुर चौरौली गांव निवासी सुमन बाला प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनका बेटा ललित कुमार आर्मी में 43 राजरिफ बटालियन में तैनात था। वह अपनी पत्नी माधवी और दो बच्चों (10 वर्ष और 5 वर्ष) के साथ पिछले 10 वर्षों से बुलंदशहर की आवास विकास कॉलोनी में रह रहे थे। 18 सितंबर 2026 की सुबह लगभग 07:45 बजे पत्नी माधवी ने फोन कर परिजनों बताया कि ललित को हार्ट अटैक आ गया है। आधा घंटे बाद दोबारा फोन कर उसने ललित की मौत की सूचना दी। परिजन सुभारती मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी पहुंचे तो पता चला कि ललित के शरीर पर लगभग 14 निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई। पूछताछ में पता चला कि ललित कुमार को उसके ससुराल वालों ने 16 सितंबर 2026 को टीपीनगर थाना क्षेत्र स्थित आशी फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। पुलिस इस मामले में ललित कुमार की मां सुमन बाला की तहरीर पर पत्नी माधवी, उसकी बहन प्रभा, जीजा प्रदीप, भाई लोकेश, पिता चंद्रवीर, चाचा, माधवी के पड़ोसी और नशा मुक्ति केंद्र के मालिक राणा व अन्य स्टाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।
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माधवी बोली-गिरकर हुए थे घायल, उठ रहे ये सवाल
माधवी ने पूछताछ में पुलिस को बताया है कि ललित अत्यधिक शराब का सेवन करते थे। घर में गिरने से वह घायल हुए थे लेकिन सवाल यह है कि माधवी ने इसकी जानकारी परिजनों को क्यों नहीं दी थी। उसने परिजनों को पहले हार्ट अटैक आने और फिर मौत की जानकारी क्यों दी। वहीं, नशा मुक्ति केंद्र के जिम्मेदारों ने उन्हें घायलावस्था में क्यों भर्ती कर लिया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी।
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वर्जन-
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद टीम गठित कर जांच की जा रही है। संबंधित के बयान भी दर्ज लिए जा रहे हैं। संबंधितों के बयान भी लिए गए हैं और माधवी आदि से पूछताछ भी की गई है। जांच और साक्ष्य के आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विनायक गोपाल भोसले, एसपी सिटी
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