उपचार न मिलने से बुखार पीड़ित शिक्षक की मौत
खरखौदा। उपचार न मिलने से बुखार पीड़ित शिक्षक की मौत हो गई। बृहस्पतिवार को हालत बिगड़ने पर एक निजी अस्पताल ने उसे रेफर कर दिया गया था। उसके बाद परिजन उसे लेकर कई अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन किसी ने भर्ती नहीं किया। शुक्रवार तड़के शिक्षक ने दम तोड़ दिया।
मूल रूप से जिला हापुड़ के गांव श्यामपुर निवासी अश्वनी (42) पुत्र लखीराम परिवार के साथ मोहल्ला तिहाई में रह रहा था। अश्वनी अमरोहा में प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक था। वह पिछले 15 दिन से घर में था। परिजनों के अनुसार 12 अप्रैल को उसे बुखार हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। 16 अप्रैल को कोरोना की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।
बृहस्पतिवार रात्रि अश्विनी की हालत बिगड़ी तो निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन रात में ही उसे जिले के कई कोविड अस्पतालों पर भर्ती कराने ले गए। परिजनों के अनुसार, लेवल दो व तीन के सभी सेंटरों ने बेड खाली न होने, ऑक्सीजन न होने की बात कहते हुए भर्ती कराने से इनकार कर दिया। उसके बाद परिजन उसे घर ले गए। रास्ते में ही अश्वनी की मौत हो गई। परिजनों ने शुक्रवार तड़के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। खरखौदा सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके सरोहा ने कहा कि ऐसे किसी भी मामले की जानकारी नहीं है। युवक संक्रमित था या नहीं इसकी भी पुष्टि नहीं है।
मोहल्ला धर्मपुरा में समाजसेवी की मौत
सरधना। मोहल्ला धर्मपुरा निवासी फैयाज अहमद (50) की शुक्रवार सुबह मौत हो गई। वह विद्यार्थी विकास मंच के अध्यक्ष के साथ कई सामाजिक संगठनों से जुडे़ थे। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि फैय्याज अहमद को शुगर की शिकायत थी। शुगर के कारण अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हुई है।
कमरानवाबन में बुखार से व्यक्ति की मौत
सरधना। मोहल्ला कमरानवाबान में 48 वर्षीय हारुन की बुखार से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, एक सप्ताह पूर्व बुखार की शिकायत हुई थी। हालत में सुधार नहीं होने पर शामली में भर्ती कराया था। वहां कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। शुक्रवार सुबह मुरादाबाद में उपचार के दौरान हारुन की मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि युवक की कोरोना से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। सीएचसी पर उसकी कोविड जांच नहीं हुई थी।