रमजान का चांद बुधवार को नजर आ गया। बृहस्पतिवार को पहला रोजा होगा। रोजे का एलान होते ही बाजार में मुस्लिम समाज के लोगों की भीड़ बढ़ गई। लोगों ने खासतौर पर खाने के सामान की खरीदारी की। मस्जिदों में लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। इशा की नमाज के बाद तरावीह शुरू हो गई।
शाम को मगरिब की नमाज के बाद ऊंची मस्जिद गुजरी बाजार में चांद कमेटी की बैठक हुई जिसमें रमजान का चांद दिखने का एलान किया गया। शहर काजी जैनुस सालिकीन सिद्दीकी ने बताया कि शाही जामा मस्जिद, विकासपुरी मस्जिद, इम्लियान मस्जिद, खेडे वाली मस्जिद, शान ए इलाही गोला कुआं मस्जिद, लिसाड़ी गेट मस्जिद रशीदिया, कोतवाली स्थित कुरेशियान मस्जिद, इस्लामाबाद स्थित एक मिनारा मस्जिद, हापुड़ रोड जाकिर कालोनी स्थित एक मिनारा मस्जिद सहित शहर की मुख्य मस्जिदों में तरावीह और शबीना का दौर शुरू हो गया। चांद कमेटी की बैठक में शहर काजी के अलावा नायब शहर काजी जैनुर राशिदीन, कारी सलमान कासमी, हाजी शीराज रहमान, हाजी मैनुद्दीन गाजी, मुफ्ती आबिद, मुफ्ती रिजवान, मौलाना मोइन अख्तर, मौलाना अलीमुद्दीन, मौलाना नोखेस, हाजी आदिल चौधरी, महफूज उर्फ गुड्डू, मौलाना शमशाद और मौलाना नूर मोहम्मद आदि मौजूद रहे। -
पांच और छह रोजा शबीने शुरू
मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने बताया कि रमजान का चांद दिखते ही शाही जामा मस्जिद में छह रोजा शबीना शुरू हो गया। इसके अलावा शाही ईदगाह में पांच रोजा शबीना शुरू हो गया।
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रमजान में सेहत का रखें ख्याल
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि रमजान सेहत के हिसाब अच्छा है मगर जो पहले से बीमार हैं या दवाएं लेते हैं और रोजे रखेंगे उन्हें अपने डॉक्टर से पहले सलाह कर लेनी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के हिसाब से ही रोजे रखने चाहिए और अपना खानपान भी उसी हिसाब से सही करना चाहिए। दवा लेने वाले और बीमार खासतौर पर इसका ख्याल रखें। उन्होंने बताया कि सामान्य लोगों को भी बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए। दिनभर भूखे रहने के बाद एक साथ बहुत ज्यादा खाना खाने से भी बचना चाहिए। इस बार पहला रोजा करीब पौने 13 घंटे का आखिरी रोजा करीब साढ़े 13 घंटे का होगा।