नौचंदी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह असलम हत्याकांड के आरोपी 25 हजार के इनामी आहद से पुलिस की मुठभेड़ हुई। पुलिस आहद को हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कराने ले गई थी। उसी पिस्टल से आहद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आहद पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस को उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई। पुलिस ने आहद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के बाद पुलिस ने आहद को रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस मामले में असलम के पिता इमरान ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आहद, असद, रिहान, तारिक, राशिद, शमी, इस्माईल, समीर उर्फ मोटा बवानिया, अमीर अहमद, चंदन और आमना पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने आहद, असद, हुसैन और जव्वाद पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। असद, हुसैन और जव्वाद को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। आहद फरार चल रहा था। बुधवार सुबह पुलिस ने गढ़ रोड से आहद को गिरफ्तार कर लिया था।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आहद की निशानदेही पर पुलिस गांधी आश्रम के पीछे एक मैदान से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद करने गई थी। यह पिस्टल आरोपी ने असलम की हत्या के बाद खाली मैदान में छिपा दी थी। सिंह ने बताया कि मैदान में आरोपी ने पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आहद के पैर में पुलिस की गोली लग गई। उन्होंने बताया कि हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
क्या था मामला
असलम के पिता के अनुसार छह फरवरी को असलम अपने दोस्त शुएब के साथ हत्या के मामले में जेल में बंद अपने भाई बिलाल से मिलने गया था। मुलाकात के बाद असलम और शुएब घर वापस आ रहे थे। आरोप है कि इस दौरान हिस्ट्रीशीटर असद, आहद, हुसैन और जव्वाद ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थी। पांच गोलियां लगने से असलम की मौत हो गई थी, जबकि शुएब कंधे में गोली लगने से घायल हो गया था। असलम तीन महीने पूर्व ही असद के भाई अरशद की हत्या के मामले में जेल से छूटकर आया था।