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Meerut: तनु चौधरी और काजल को अतुल व मुरारी लाल स्वर्ण पदक, राज्यपाल ने किया सम्मानित

Tue, 23 Sep 2025 12:08 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में CCSU के 37वें दीक्षांत समारोह में एमजेएमसी टॉपर तनु चौधरी को अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक और एमकॉम टॉपर काजल को मुरारी लाल माहेश्वरी स्वर्ण पदक मिला। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दोनों को सम्मानित किया।
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विस्तार
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मेरठ के सीसीएसयू के सभागार में सोमवार को हुए 37वें दीक्षांत समारोह में अतुल माहेश्वरी स्वर्ण पदक एमजेएमसी की टॉपर आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज ग्रेटर नोएडा की तनु चौधरी को दिया गया। अतुल माहेश्वरी अमर उजाला के नवोन्मेषक रहे हैं। हर साल इनके नाम पर टॉपर्स को यह स्वर्ण पदक दिया जाता है।
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वहीं एमकॉम टॉपर आलमनगर गढ़मुक्तेश्वर निवासी एमकॉम की टॉपर काजल को मुरारी लाल माहेश्वरी स्वर्ण पदक दिया गया। वह अमर उजाला के संस्थापक रहे हैं। हर साल इनके नाम पर एमकॉम टॉपर्स को स्वर्ण पदक दिया जाता है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। समारोह में कुलाधिपति ने 187 मेधावियों को 245 पदक प्रदान किए गए।
 



 

राज्यपाल से पदक मिला तो बढ़ा उत्साह : तनु
तनु चौधरी ने कहा कि जब राज्यपाल ने मेरे गले में स्वर्ण पदक डाला तो मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब मेरा उत्साह लक्ष्य पाने के लिए दोगुना हो गया है। तनु बताती है कि यह पदक उनको कड़ी मेहनत से मिला है। मेरा मानना है कि अगर आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। मैं यह संदेश देना चाहती हूं कि परिवार की पृष्ठभूमि कभी किसी की उड़ान को सीमित नहीं कर सकती। मेहनत, शिक्षा और सच्ची लगन ही असली ताकत है। मैं युवाओं से कहना चाहूंगी कि सपनों को सिर्फ देखे नहीं, बल्कि इन्हें पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करते रहें।
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शिक्षा क्षेत्र में करना चाहती हैं कार्य : काजल
गढ़मुक्तेश्वर आलमनगर निवासी काजल ने रुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एमकॉम की डिग्री हासिल की है। काजल अब पीएचडी की तैयारी कर रही हैं। वह शिक्षा क्षेत्र में कार्य करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल से पदक पाना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है। इस पदक ने उनकी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। वे प्रयास करेंगी कि आगे का जो भी जीवन होगा, उसे बेहतर और दूसरों के लिए उपयोगी बनाया जाए। काजल ने बताया कि इस सफलता के पीछे उनके माता-पिता और पति कविंद्र प्रताप का योगदान है।
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