पहले भी जेल जा चुका है सुल्तान
पुलिस ने बताया कि हथियार बनाने वाले गैंग का सरगना सुल्तान है। वह 2004 में भी हथियार की फैक्ट्री चलाता पकड़ा गया था। फलावदा थाने से जेल भेजा गया था। फिलहाल वह ग्रुप को लीड कर रहा था। सुल्तान, पिंकल व मौजीराम कच्चा माल इकट्ठा करने व तमंचा बनाने में अहम भूमिका निभाते थे। रिंकु व मोहित सप्लाई करने व डिमांड का काम देखते थे। पिंकल के खिलाफ पूर्व में भी इंचौली थाने में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। मौजीराम के खिलाफ मोदीनगर थाने व इंचौली थाने में मुकदमा दर्ज है।
4000 में तमंचा व आठ हजार में बड़ी बंदूक
आरोपियों से भारी तादात में बना व अधबना असलहा बरामद किया गया है। साथ ही इसे बनाने के उपकरण मिले हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के 13 बने व 10 से ज्यादा अधबने तमंचे शामिल हैं। छोटे तमंचे को लगभग 4000 व बड़ी बंदूक को लगभग 8000 रुपए में बेचा जाता था।
तमंचा बनाने की फैक्ट्री का आगामी विधानसभा चुनाव से संबंध के बारे में सीओ सदर देहात ने बताया कि शुरुआती जांच में फैक्ट्री का चुनाव से कोई संबंध नहीं मिला है। पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मामले में फरार आरोपी मोनू पुत्र मंगते को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।