गोकशी और गोमांस बिक्री पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने डीएम समीर वर्मा से मिलकर नाराजगी जतायी। कहा कि गोमांस की आपूर्ति करने वाले के खिलाफ पुलिस प्रशासन कार्रवाई से बचता रहा और वह निकलकर भाग गया। डीएम ने पूरे मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही।
एक चैनल द्वारा मेरठ में गोमांस की आपूर्ति को लेकर स्टिंग किया गया था। जिस पर डॉ. वाजपेयी सोमवार को कार्यकर्ताओं के साथ डीएम से मिलने पहुंचे। डॉ. वाजपेयी ने डीएम से कहा कि मेरठ में गोकशी नया मामला नहीं है। लेकिन अब भाजपा की सरकार में भी यह अवैध और भावनाओं को भड़काने वाला काम चले, तो बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने डीएम से पूछा कि वह बताएं कि इस मामले में क्या कार्रवाई हुई।
इस पर डीएम ने कहा कि उन्होंने जांच करायी है। मेरठ में अलहिंद नाम की कोई मीट फैक्ट्री या फर्म नहीं है। जिस पर वाजपेयी ने कहा कि जिस व्यक्ति का स्टिंग हुआ है, वह मेरठ का है। क्या पुलिस-प्रशासन ने पता किया कि उक्त व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में गोकशी और गोमांस बेचने के मामले तो दर्ज नहीं हैं। वाजपेयी ने कहा कि उक्त व्यक्ति इस धंधे में लिप्त रहता है। यह बात सही हो सकती है कि अलहिंद नाम की कोई फर्म नहीं है। लेकिन जो व्यक्ति गोमांस आपूर्ति का दावा कर रहा है वह सही है। वाजपेयी ने कहा कि पुलिस प्रशासन उक्त व्यक्ति पर कार्रवाई से हाथ खींच रहा है। यही कारण रहा कि उसे भागने का वक्त दे दिया गया। वाजपेयी बोले कि गोहत्या और गोमांस बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित करना और कड़ी कार्रवाई करना सरकार की प्राथमिकता में है इसलिए इस पर सख्ती से पालन होना चाहिए।