शामली। मौसम में बदलाव के चलते बुखार के लक्षण भी बदल रहे हैं। जिला अस्पताल में डेंगू व चिकनगुनिया के लक्षण वाले बुखार के केस सामने आ रहे हैं, जबकि जांच में वायरल बुखार आ रहा है।
बुखार में प्लेटलेट्स भी कम हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार होने पर मरीजों को घबराना नहीं चाहिए। चिकित्सक की सलाह से जांच कराकर उपचार कराना चाहिए। जिले में अब तक डेंगू के तीन और मलेरिया के 22 मरीज मिल चुके हैं।
शुक्रवार रात को हवा चलने से लोगाें को ठंड महसूस हुई जबकि दिन में दोपहर के समय चटक धूप खिलने से गर्मी महसूस हुई। मौसम में बुखार के केस भी बढ़ रहे हैं। इनमें करीब 15 से 20 केस इस तरह के जिला अस्पताल में आ रहे हैं, जिसमें लक्षण तो डेंगू व चिकनगुनिया के होते हैं, लेकिन जांच कराने पर वायरल मिलता है। ऐसे बुखार में प्लेटलेन्स कम होने पर लोगों को डेंगू की आशंका बन जाती है।
जिला अस्पताल के चिकित्सक समद अली का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के केस ज्यादा है। इसके अलावा खांसी व नजला के मरीज भी बढ़े हैं। कुछ केस ऐसे आ रहे हैं जिनमें डेंगू व चिकनगुनिया से मिलते जुलते लक्षण होते हैं, लेकिन जांच कराने पर वायरल बुखार होता है। इस तरह के लक्षण नजर आते है तो मरीज को घबराना नहीं चाहिए। चिकित्सक की सलाह से उपचार व जांच करानी चाहिए।
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया बुखार में प्लेटलेट कम हो जाती है। इसमें जरूरी नहीं होता कि डेंगू हो गया। जिला अस्पताल में निशुल्क बुखार की जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है।