यह है स्वाइन फ्लू
स्वाइन फ्लू इन्फलुएंजा टाइप-ए वायरस से फैलने वाली बीमारी है, जो मूलत: शूकरों से मनुष्य जाति में फैलती थी, लेकिन अब मनुष्य से मनुष्य में फैल रही है। सांस लेने में परेशानी हो, सीने में दर्द, रक्तचाप में गिरावट, थूक और बलगम में खून और नाखून नीले पड़ने लगें तो तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच कराएं। ऐसी स्थिति में तुरंत स्वाइन फ्लू की दवाई ऑसल्टामिविर की आवश्यकता है।
शिष्टाचर से रोकें स्वाइन फ्लू
स्टडी में पता चला है कि 46 मरीजों को एक-दूसरे से स्वाइन फ्लू फैला था। काफी मरीज ऐसे थे, जो बाहर घूमकर आए थे और इसके बाद उन्हें स्वाइन फ्लू हुआ। साफ-सफाई का ध्यान रखने और खांसने-छींकने और थूकने के शिष्टाचार पर लोग अमल करें तो काफी हद तक इसे रोका जा सकता है।
- डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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