संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सुभारती विश्वविद्यालय की स्वामी विवेकानंद शोध पीठ को उसकी चर्चित पुस्तक कोर वैल्यूज ऑफ स्वामी विवेकानंद फिलॉसफी का पहला कॉपीराइट प्राप्त हुआ है।
पुस्तक में स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी विचारों, नैतिक मूल्यों, मानव सेवा, राष्ट्र निर्माण, युवा चेतना और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को आधुनिक संदर्भों के साथ प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा प्रदान करते हैं।
इस उपलब्धि में स्वामी विवेकानंद शोध पीठ की संयोजिका प्रो. मोनिका मेहरोत्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक पुस्तक का कॉपीराइट नहीं, बल्कि स्वामी विवेकानंद के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. शल्या राज और रजिस्ट्रार जीपी कैप्टन एम याकूब ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया है।
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