फ्लैट खुलवाकर जांच होती तो ज्यादा मिलता विद्युत भार
हस्तिनापुर थाने के निलंबित एसओ धर्मेंद्र ने भले ही फ्लैट में बिजली चोरी का जुर्माना और शमन शुल्क भरकर एनओसी ले ली है। वहीं, विद्युत निगम द्वारा फ्लैट खुलवाए बगैर ही चोरी का आंकलन किए जाने और राजस्व निर्धारण और शमन शुल्क पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, पीवीवीएनएल एमडी को भी अभी तक रिपोर्ट नहीं भेजी है।
निलंबित एसओ के शास्त्रीनगर स्थित एसटूएस कारनेशन कॉलोनी स्थित फ्लैट में बिजली चोरी पकड़ी थी। बालकॉनी में लगे एसी के हिसाब से तीन किलोवाट लोड दर्शाकर दो लाख 71 हजार 328 रुपये राजस्व निर्धारण किया। वहीं, 12 हजार रुपये शमन शुल्क लगाया। हालांकि अधिशासी अभियंता सोनू रस्तोगी का कहना है कि बिजली चोरी के मामले में छापे के दौरान मौके पर ही चेकिंग रिपोर्ट भरी जाती है। उसके आधार पर राजस्व निर्धारण और शमन शुल्क आरोपित होता है। रिपोर्ट पर यदि मकान मालिक को आपत्ति है तो वह 15 दिन में आपत्ति कर सकता है।
एंटी करप्शन को शिकायत का इंतजार
पांच साल में करोड़पति बने पुलिस वालों की विभागीय जांच में शुरू हो गई है। वहीं एंटी करप्शन को लिखित में शिकायत मिलने का इंतजार है।
पांच साल में करोड़पति बनने वाले पुलिसकर्मियों की लिस्ट तैयार की जा रही है। यह मामला एंटी करप्शन तक पहुंच गया है। टीम ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि एक अधिकारी ने कहा है कि लिखित शिकायत मिलने पर ही अधिकारी कार्रवाई शुरू करेंगे। करोड़पति धर्मेंद्र और छह थानेदारों की शिकायत की जांच पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। इनकी रिपोर्ट एडीजी और आईजी ने मांगी है।
पांच साल से जमे पुलिसकर्मी हटेंगे
पांच साल से एक ही थाने में जमे दरोगा और सिपाही हटेंगे। उनकी सूची एडीजी जोन कार्यालय में तैयार की जा रही है। एडीजी जोन का कहना है कि समीक्षा के बाद कार्रवाई होगी।
पूर्व विधायक गोपाल काली का भ्रष्टाचारियों के खिलाफ उपवास
पूर्व विधायक गोपाल काली ने हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को एक दिवसीय उपवास रखा। पूर्व विधायक गोपाल काली समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं के साथ थाने के सामने स्थित आबंडेकर पार्क पहुंचे और उपवास पर बैठ गए। उनका आरोप है कि हस्तिनापुर के पूर्व एसओ धर्मेंद्र सिंह द्वारा सट्टा संचालकों, कच्ची शराब विक्रेताओं एवं कबूतरबाजों को संरक्षण कर देकर लाखों की कमाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका मवाना व नगर पंचायत हस्तिनापुर में विकास कार्यों में 40 फीसदी तक कमीशन खेल जारी है।
आरोप लगाया कि हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा किनारे हजारों एकड़ जमीन और नगर पंचायत की सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कराया गया। उन्होंने कहा कि हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ शीघ्र जन आक्रोश रैली की जाएगी। जिसके लिए मंगलवार को उपजिलाधिकारी से अनुमति लेंगे।
फार्म हाउस किसके अधीन, अभी स्पष्ट नहीं
कस्बे से करीब चार किलोमीटर दूर कुंडा गांव तक नगर पंचायत की संपत्ति के बोर्ड लगे हैं। इसके बावजूद नगर पंचायत के अधिकारी निलंबित एसओ धर्मेंद्र के फार्म हाउस को नगर पंचायत क्षेत्र में नहीं होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत की जमीन चार किलोमीटर दूर पांडवान मजरे में कुंडा तक है। इसलिए फार्म हाउस भी नगर पंचायत क्षेत्र में है।
दूधली की ग्राम प्रधान सुशीला देवी का कहना है कि दो वर्ष पूर्व ग्राम पंचायत दूधली और मजरा कुंडा में नगर पंचायत अधिकारियों ने तीन स्थानों पर बोर्ड लगाए थे। नगर पंचायत ने इस जमीन को ग्रामीणों को लीज पर दे दिया। वहीं, अधिशासी अधिकारी मुकेश मिश्र का कहना है कि पूर्व थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह का फार्म हाउस नगर पंचायत क्षेत्र में नहीं है।
पत्रों का नहीं मिला जवाब
पुलिस क्षेत्राधिकारी उदय प्रताप सिंह का कहना है कि उन्होंने निलंबित एसओ धर्मेंद्र प्रकरण की जांच के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। हालांकि पत्रों का जवाब अभी तक नहीं मिला है।
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