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सुशांत सिंह राजपूत ने मेरठ के बल्ले से मारा था छक्का

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मेरठ। क्रिकेट विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए फाइनल मैच में मेरठ के बल्ले ने कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की किस्मत बदल दी थी। उसी तरह मेरठ का बल्ला अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के लिए जादुई साबित हुआ। 2016 में आई महेंद्र सिंह धोनी द अनटोल्ड स्टोरी में माही का किरदार निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत ने फिल्म के अंतिम दृश्य में मेरठ की कंपनी एसएस के बल्ले से हेलीकॉप्टर शॉट लगाकर छक्का जड़ा। यही छक्का सुशांत को फिल्म जगत में जीत के नए पायदान पर ले गया। इसी फिल्म के बाद सुशांत के फिल्मी कॅरियर ने रफ्तार पकड़ी और एक के बाद एक सफल फिल्में उनकी झोली में आईं।
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एसएस कंपनी के निदेशक जतिन सरीन बताते हैं कि फिल्म के अंतिम दृश्य में सुशांत जब महेंद्र सिंह धोनी के रूप में श्रीलंका के खिलाफ छक्का लगाकर भारत को विश्वकप में जीत दिलाते हैं तो उसमें एसएस का बल्ला उनके हाथ में है। इसी बल्ले से महेंद्र सिंह धोनी ने खुद विश्व कप में छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई थी। यह बल्ला महेंद्र सिंह धोनी ने फिल्म के लिए सुशांत सिंह राजपूत को उपहार में दिया था। धोनी उक्त विश्व कप से पहले एसएस कंपनी के बल्ले ले गए थे। विश्व कप जीतने के बाद धोनी पत्नी साक्षी के साथ पुन: मेरठ अपने दोस्त जतिन सरीन से मिलने मवाना रोड स्थित उनकी फैक्टरी आए थे। वे पुन: पांच बल्ले ले गए। सुशांत सिंह ने फिल्म में यह शॉट लगाने के लिए धोनी के निर्देशन में अभ्यास किया था।
सुशांत जैसा दूसरा कोई नहीं
कंकरखेड़ा निवासी अभिनेता गिरीश थापर ने सुशांत सिंह राजपूत के साथ जीटीवी के सीरियल पवित्र रिश्ता में काम किया था। इसमें सुशांत मानव की मुख्य भूमिका में थे। यह सीरियल सुशांत को टेली जगत में चमकाने वाला था। गिरीश थापर इस धारावाहिक में बाल आश्रम के संचालक बने थे। सुशांत के साथ उनक े5-6 एपिसोड थे। इसी दौरान उनसे मुलाकात हुई थी। सुशांत बहुत जिंदादिल और दिलचस्प इंसान थे। इस तरह उनका जाना बहुत दुखदाई है।
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सुना तो भरोसा नहीं हुआ
आर्मी पब्लिक स्कूल की सेवानिवृत्त शिक्षिका सदर निवासी वीणा अरोड़ा के बेटे मितेश अरोड़ा ने सुशांत सिंह राजपूत के निधन का समाचार सुना तो भरोसा नहीं हुआ। मितेश दिल्ली स्थित एक कंपनी में नौकरी करते हैं। मितेश 2016 में सुशांत सिंह राजपूत से मिले थे। उन्होंने बताया कि सुशांत उनके यहां फिल्म महेंद्र सिंह धोनी का प्रमोशन करने आए थे। इस दौरान उनसे लंबी बातचीत हुई तथा उनके साथ भी खिंचवाया था। सोचा नहीं था कि वह इस तरह छोड़कर चले जाएंगे। वह बहुत खुशमिजाज इंसान थे।
..चित्र बनाकर श्रद्धांजलि दी
गंगानगर निवासी लीफ आर्टिस्ट ममता गोयल ने सुशांत सिंह राजपूत को पत्ते पर उनकी पेंटिंग बनाकर श्रद्धांजलि दी।
दिल का गुबार पालना घातक
जिंदगी में कोई भी..कभी भी डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। उदासी के साथ आत्महत्या के विचार मन में आ सकते हैं। बाहरी तनाव ही डिप्रेशन की वजह नहीं होता। दिमाग की अंदरूनी केमिकल रचना में बदलाव से भी डिप्रेशन हो सकता है। विशेषज्ञ से इलाज कराने पर यह शत-प्रतिशत ठीक हो जाता है। मनोस्थिति छिपाए नहीं। इसे अपनों को बताइए, अपने चिकित्सक से कहिए जीवन अनमोल है।-डॉ. सतीश बुडानिया, वरिष्ठ मनोचिकित्सक
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