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Coronavirus: सर्वे और एंटीजन किट से जांच का असर, तेजी से बढ़ने लगी संक्रमितों की संख्या

Sun, 05 Jul 2020 01:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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coronavirus - फोटो : pti
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घर-घर जाकर कोरोना के मरीज ढूंढने का अभियान और एंटीजन किट से जांच करने का असर शनिवार को दिखा। अब तक एक दिन में इतने मरीज नहीं मिले थे। इनमें से 37 मरीजों को एंटीजन किट से कोरोना की पुष्टि हुई है। नए मरीजों में 13 घरेलू महिलाएं, 11 स्टूडेंट, सेल्समैन, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, किसान, आईटी सेक्टर से जुड़े, ड्राइवर, होटल स्टाफ संक्रमित निकले हैं। सर्वे के लिए शनिवार को 1359 टीमें लगाई गई थी। 80,421 घरों का सर्वे किया। टीम ने 4,06,594 आबादी क्षेत्र को कवर किया। 547 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले, जिनमें से 464 के सैंपल लिए गए, जिनकी जांच कराई जाएगी। शुक्रवार को 80997 घरों का सर्वे किया गया था। 483 लोगों को खांसी-बुखार की शिकायत थी, जिनमें से 43 के सैंपल लिए गए थे। बृहस्पतिवार को 71,108 घरों का सर्वे किया गया था। 580 लोगों में खांसी, जुकाम और बुखार की शिकायत थी, इनमें 429 के सैंपल लिए गए थे। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि सर्वे अभियान से कोरोना के मरीजों की संख्या तो जरूर बढ़ेगी, लेकिन मृत्यु दर में कमी आएगी।
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12 जुलाई तक चलेगा अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजकुमार ने बताया यह अभियान 12 जुलाई तक चलेगा, जिसके लिए 1400 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम प्रतिदिन 50 घरों का सर्वे सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर रही हैं। पांच टीम पर एक सुपरवाइजर नियुक्त है। 

कोरोना का डर, सर्वे में की जा रही खानापूर्ति
एक तरफ कोरोना का डर तो दूसरी तरफ अधिकारियों के निर्देश कि कोई घर न छूटे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की कुछ टीमें अभियान में महज खानापूर्ति कर रही हैं। कुछ बंद मकान पर बाहर नंबर डाल कर चले आते हैं तो कई बार घर वालों से सिर्फ सदस्यों की संख्या पूछते हैं। लोगों का कहना है कि महिला कर्मी न तो परिवार के सदस्यों की सूची बना रही हैं और न ही थर्मल स्कैनर से जांच कर रही हैं।  
1831 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी
अभी 1831 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। जिस तरह से कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि फिर कोरोना विस्फोट हो सकता है। 

कुछ लोग जानकारी देने से कर रहे इनकार
सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग ऐसे हैं जो जानकारी देने से इंकार कर रहे हैं। अभियान में अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को लगाया गया है। कुछ शिक्षक और शिक्षिकाओं की भी ड्यूटी लगाई है। अभियान को तेजी से और अधिक क्षेत्रों में चलाना है, इसलिए शिक्षक-शिक्षिकाओं की मदद ली जा रही है।
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