12 जुलाई तक चलेगा अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राजकुमार ने बताया यह अभियान 12 जुलाई तक चलेगा, जिसके लिए 1400 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम प्रतिदिन 50 घरों का सर्वे सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कर रही हैं। पांच टीम पर एक सुपरवाइजर नियुक्त है।
कोरोना का डर, सर्वे में की जा रही खानापूर्ति
एक तरफ कोरोना का डर तो दूसरी तरफ अधिकारियों के निर्देश कि कोई घर न छूटे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की कुछ टीमें अभियान में महज खानापूर्ति कर रही हैं। कुछ बंद मकान पर बाहर नंबर डाल कर चले आते हैं तो कई बार घर वालों से सिर्फ सदस्यों की संख्या पूछते हैं। लोगों का कहना है कि महिला कर्मी न तो परिवार के सदस्यों की सूची बना रही हैं और न ही थर्मल स्कैनर से जांच कर रही हैं।
1831 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी
अभी 1831 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। जिस तरह से कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि फिर कोरोना विस्फोट हो सकता है।
कुछ लोग जानकारी देने से कर रहे इनकार
सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोग ऐसे हैं जो जानकारी देने से इंकार कर रहे हैं। अभियान में अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को लगाया गया है। कुछ शिक्षक और शिक्षिकाओं की भी ड्यूटी लगाई है। अभियान को तेजी से और अधिक क्षेत्रों में चलाना है, इसलिए शिक्षक-शिक्षिकाओं की मदद ली जा रही है।