दस्तक अभियान पहले 15 दिन तक चलाया जाता था, लेकिन इस बार यह अभियान 20 दिन चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 962 आशाओं ने आंगनबाड़ी के साथ डोर-टू-डोर जाकर मरीजों के बारे में जानकारी ली। साथ ही सूची ई-कवच पोर्टल पर अपलोड की गई। इस अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीम ने 386779 घरों का सर्वे किया।
इस दौरान सबसे ज्यादा 385 बुखार के मरीज पाए गए। बुखार के 342 मरीजों की जांच की गई, लेकिन उनमें मलेरिया या डेंगू नहीं पाया गया। इसलिए इन मरीजों को वायरल सामान्य बुखार पाया गया। इसके अलावा नजला, जुकाम, खांसी के 42 मरीज मिले। क्षय रोग के लक्षण वाले 38 और 54 कुपोषित बच्चे मिले। इसके साथ ही करीब 162 घरों में नमी मिलने पर मच्छर प्रजनन की स्थिति पाई गई।
कई घरों में मलेरिया का लार्वा मिला था, जिसे मौके पर टीम ने नष्ट कराया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान पूरे हो गए हैं। दस्तक अभियान में सबसे ज्यादा बुखार के मरीज मिले हैं, जिनका नजदीकी अस्पताल में उपचार कराया गया है।