मेरठ। स्कूली शिक्षा के दौरान ही विद्यार्थी अब 12वीं के बाद शिक्षण व्यवसाय का पाठ्यक्रम चुन सकेंगे। एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के तहत सीसीएसयू में नए सत्र 2026-27 से चार वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत विद्यार्थियों को पहले स्नातक पूरा करने के बाद दो वर्षीय बीएड करने की बजाय सीधे 12वीं के बाद चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।
पाठ्यक्रम में समावेशी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, भारतीय ज्ञान परंपरा और अनुभव आधारित शिक्षण को विशेष महत्व दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पास करना अनिवार्य होगा। अभ्यर्थी को 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, भाषा दक्षता, विषय-आधारित प्रश्न और शिक्षण अभिरुचि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। सफल अभ्यर्थियों को आईआईटी, एमआईटी, आरआईई और विभिन्न विश्वविद्यालयों में अलग-अलग आवेदन करना होगा। इसके बाद सीट आवंटन, ऑफर लेटर, शुल्क भुगतान और दस्तावेज सत्यापन की बहु-चरणीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी।