मेरठ। सीसीएसयू के कॉलेजों में आज से दो पालियों में बीएड प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं शुरू हो रही है। मेरठ मंडल में इस परीक्षा में 40 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा से पहले सत्यापन के पेंच में फंसे छात्रों को सांसद अरुण गोविल के हस्तक्षेप के बाद राहत मिली है। अरुण गोविल ने कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला से फोन पर बात करते हुए फॉर्म सत्यापित करने से चूके छात्रों को एक मौका देने की अपील की थी। विवि ने देर शाम पोर्टल खोल दिया है। इसमें परीक्षा फॉर्म भरते हुए फीस जमा कर चुके छात्रों के फॉर्म कॉलेज सत्यापित कर सकेंगे।
छात्रों से हुई ठगी
बुधवार को सीसीएसयू में बिहार से तीन ऐसे छात्र भी पहुंचे जिनसे बीएड में प्रवेश के नाम पर कथित रूप से फर्जीवाड़ा हुआ है। पूर्व महामंत्री अंकित अधाना के अनुसार इन छात्रों को एजेंट ने गाजियाबाद स्थित राज सुधा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन काजमाबाद में बीएड में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया। एजेंट ने मार्च महीने में छात्रों से प्रवेश के नाम पर 50 हजार रुपये की राशि ली। छात्रों के बिना किसी प्रवेश परीक्षा के ही प्रवेश दर्शाते हुए परीक्षा फॉर्म भी भरवा दिया। छात्रों ने प्रवेशपत्र डाउनलोड करने की कोशिश की तो इसमें उनकी फोटो एवं हस्ताक्षर छोड़ सभी विवरण अन्य छात्रों के मिले। अंकित अधाना के अनुसार संबंधित कॉलेज से बात की तो पता चला कि प्रवेशपत्र पर जिन छात्रों का विवरण प्रदर्शित हो रहा है, प्रवेश केवल उन्हीं का है। धोखे का शिकार छात्रों का प्रवेश ही नहीं हुआ था। रजिस्ट्रार धीरेंद्र वर्मा के अनुसार छात्रों ने अभी लिखित में शिकायत नहीं दी है। विवि मामले की जांच कराएगा।
जूते निकलवाने पर विरोध किया, नकल नहीं मिली
शिव मंदिर छुट्टन लाल काका गर्ल्स कॉलेज सिकंदराबाद में एलएलबी छठे सेमेस्टर के छात्रों द्वारा अव्यवस्था की सूचना पर विवि का सचल दल तत्काल केंद्र पर पहुंचा। रजिस्ट्रार धीरेंद्र वर्मा के अनुसार सचल दल 15 मिनट में ही कॉलेज पहुंच गया और तलाशी ली। इसमें छात्रों के पास कोई नकल सामग्री नहीं मिली। प्राचार्य ने बताया कि आंतरिक उड़न दस्ते ने छात्रों के जूते उतरवाए थे जिसका कुछ छात्रों ने विरोध कर दिया। बाद में विवि के उडन दस्ते ने सभी छात्रों को समझाते हुए व्यवस्था सही करा दी।