कॉलेज प्रबंधन ने मान्यता पूरी होने की बात कही
उधर, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि संस्थान को बीए पाठ्यक्रम के लिए तीन वर्ष की मान्यता मिली थी, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी है। इसी कारण छात्रों को दूसरे कॉलेज में स्थानांतरित किया जा रहा है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि पहले वर्ष जिस भवन में उन्हें पढ़ाया गया था, वहां बाद में सिगरेट की फैक्ट्री संचालित कर दी गई। इसके बाद उन्हें दूसरी बिल्डिंग में स्थानांतरित किया गया और अब वहां से भी दूसरे कॉलेज भेजे जाने की बात कही जा रही है।
गर्मी में छात्रा हुई बेहोश
बुधवार को भीषण गर्मी के बीच छात्र-छात्राएं कॉलेज गेट पर धरने पर बैठे रहे। इसी दौरान बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा राखी गर्मी के कारण बेहोश हो गई। साथी छात्राओं ने उसे पानी आदि देकर संभाला और होश में लाया। इसके बाद भी छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।
सपा और आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी पहुंचे
धरने में समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रुद्र प्रताप सिंह और आजाद समाज पार्टी के जिला सचिव गौरव वर्मा भी पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कॉलेज प्रबंधन से मामले का समाधान कराने की मांग की।
पुलिस ने समझाने का प्रयास किया
छात्रों के हंगामे की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख सीओ पंकज लवानिया भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कॉलेज प्रबंधक एसपी सिंह से बातचीत की और छात्रों के भविष्य को लेकर सवाल उठाए।
सीओ ने प्रबंधन से पूछा कि बीच में मान्यता सरेंडर करने की स्थिति क्यों आई। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनके मामले में कॉलेज प्रबंधन से बातचीत कर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को प्रबंधन से बात करेंगे सीओ
सीओ पंकज लवानिया ने छात्रों को आश्वासन दिया कि वह बृहस्पतिवार को कॉलेज पहुंचकर प्रबंधन से बातचीत करेंगे और उनकी समस्या के समाधान के लिए हरसंभव मदद करेंगे। आश्वासन मिलने के बाद छात्र धरना समाप्त करने के लिए तैयार हो गए।