-बेटे- पुत्रवधू के विवाद और समझौते के दबाव से परिवार था परेशान, पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव फाजलपुर में दहेज के मुकदमे और पारिवारिक विवाद के तनाव से परेशान एक किसान बाबूराम ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मामले में मृतक की पत्नी राधा ने पुत्रवधू और उसके परिजनों पर प्रताड़ना एवं रुपये मांगने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
फाजलपुर निवासी 45 वर्षीय बाबूराम पुत्र रामपाल गांव के पास स्थित एक कृषि फार्म पर खेती की देखभाल का काम कर परिवार का पालन-पोषण करता था। परिजनों के अनुसार, उसके बड़े बेटे राहुल की शादी 8 मार्च 2024 को परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खजूरी अलियारपुर निवासी मीनाक्षी के साथ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर मीनाक्षी मायके चली गई और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। मामला न्यायालय तक पहुंचा और दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया शुरू हो गई।
बेटे ने भी जहर खाया
बताया गया कि तीन दिन पहले दोनों पक्ष न्यायालय पहुंचे थे, जहां तलाक की कार्यवाही होनी थी, लेकिन राहुल ने तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बाद वह घर लौटा और जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन उसे निजी चिकित्सक के यहां ले गए, जहां उसकी जान बच गई। इस घटना के बाद बाबूराम गहरे मानसिक तनाव में आ गया।
तनाव में बाबूराम ने उठाया आत्मघाती कदम
परिजनों का आरोप है कि पुत्रवधू पक्ष के लोग मुकदमा खत्म कराने के नाम पर तीन लाख रुपये की मांग कर रहे थे और लगातार दबाव बना रहे थे। इसी तनाव में बाबूराम ने बुधवार को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार रात को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी राधा ने थाने पर पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि बहू मीनाक्षी, उसके पिता कल्लू, मां कविता समेत अन्य परिजन समझौते के लिए रुपये मांग रहे थे और धमकी दे रहे थे। आरोप है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर उसके पति ने आत्मघाती कदम उठाया।
मृतक की पांच बेटियां और दो बेटे
बाबूराम अपने पीछे पत्नी राधा, पांच बेटियां और दो बेटे राहुल व मोहित को छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो घर में मातम पसर गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वर्जन-
मामला गृह क्लेश का था। शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
पंकज लवानिया
सीओ मवाना