मेरठ। ऑक्सीजन सिलिंडर का 48 घंटे का बैकअप रखा जाए और फायर सिस्टम को समय-समय पर चेक किया जाए। मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करने में देरी न की जाए। ये निर्देश नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद और जिलाधिकारी के बालाजी ने रविवार को आनंद अस्पताल के निरीक्षण के दौरान दिए।
उन्होंने मरीजों से फोन कर उनका हाल जाना तथा उपचार, भोजन और सफाई के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल का नोडल अधिकारी गैरहाजिर मिलने पर कहा कि अस्पतालों के नोडल आफिसर गंभीरतापूर्वक कार्य करें। सीएमओ ने नोडल अधिकारी को बताया कि आनंद अस्पताल एल-2 श्रेणी का अस्पताल है। यहां अब तक 507 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। एक मृत्यु हुई है। अभी 107 मरीज भर्ती हैं। यहां 125 बेड की व्यवस्था कराई जा रही है।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त सुभाष चंद्र प्रजापति, नगर मजिस्ट्रेट एसके सिंह, डॉ. पीपी सिंह, एसीएमओ पूजा शर्मा, डॉ. सुभाष, प्रबंध निदेशक आनंद अस्पताल मानसी आनंद आदि रहे। नोडल अधिकारी ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों का प्रतिदिन फीडबैक लें और लक्षण बताने पर अस्पताल में भर्ती कराएं।
हाईरिस्क व्यक्तियों की समय से हो कोरोना जांच
नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने डाटा ठीक प्रकार अपलोड कराने और संपर्क वाले मरीजों को पहचान कर उनकी जांच कराने के निर्देश दिए। खासकर हाईरिस्क व्यक्तियों की समय से कोरोना जांच कराने की हिदायत दी। यहां सीएमओ ने बताया कि एक से 26 सितंबर तक की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग में सीएचसी भूड़बराल का कार्य सबसे अच्छा है। इसके बाद सीएचसी दौराला व सरूरपुर हैं।
बीमार हैं तो डॉक्टर को दिखाएं
जिलाधिकारी ने अपील की कि किसी भी व्यक्ति को बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ है तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर या सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं। इधर-उधर से दवा लेकर दिन व्यतीत न करें ताकि तबीयत और न बिगडे़।
यहां करें संपर्क
कंट्रोल रूम में सामान्य शिकायत के लिए -0121-2664016
स्वास्थ्य विभाग संबंधी शिकायत/जानकारी के लिए 0121-2668470
पुलिस से संबंधित शिकायत के लिए 9454458044
डॉ. सुधीर से होम आइसोलेशन के अनुरोध के लिए -9411252145
ई-मेल dmme@up.nic.in