स्वाइन फ्लू का खौफ बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इसकी रोकथाम बचाव और जागरुकता से ही संभव है, लिहाजा मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने डीआईओएस और बीएसए को निर्देश जारी किए हैं कि स्कूलों में होने वाली प्रार्थना सभाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए।
यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अधिक संख्या में बच्चों को एक जगह पर एकत्रित नहीं होने देने का प्रयास किया जाए। कक्षाएं शुरू होने से पहले संबंधित अध्यापक और अध्यापिकाओं द्वारा बच्चों का परीक्षण किया जाए। अगर उनमें स्वाइन फ्लू के कोई भी लक्षण दिखे तो उन्हें तत्काल सात दिन आराम करने की सलाह देकर घर वापस भेज दिया जाए तथा अभिभावकों को यह निर्देश दिया जाए कि वह अपने बच्चों की देखभाल घर पर ही करें। स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को बच्चों के चिकित्सा प्रमाण पत्र देने के लिए बाध्य न किया जाए। साथ ही यह भी हिदायत दी है कि बच्चों को साफ सफाई और सही ढंग से हाथ धोने के लिए प्रेरित किया जाए।
अनुपालन नहीं कराने वालों पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस पर अमल कराया जाएगा। अगर कहीं इसका अनुपालन नहीं कराया जाता तो संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा और शासन को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
इस तरह केलक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
स्वाइन फ्लू के लक्षण में खांसी, बुखार, गले की खराश, बदन दर्द, सिर दर्द, डायरिया, सांस फूलना, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, रक्तचाप का निम्न होना, बलगम में रक्त आना, नाखूनों का नीला पड़ जाना और पूर्व में चल रही बीमारी की तकलीफ का बढ़ जाना है। अगर ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत सावधान हो जाएं और चिकित्सक से परामर्श करें।
कराया जाएगा निर्देशों का पालन
जिला विद्यालय निरीक्षण गिरजेश चौधरी का कहना है कि यूपी बोर्ड के विद्यालयों में अभी परीक्षा चल रही है तो विद्यालयों में प्रार्थना सभाएं नहीं हो रही हैं। इसी तरह सीबीएसई और आईसीएसई विद्यालयों में भी शुक्रवार से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। लेकिन फिर भी दिशा-निर्देश भेजे जा रहे हैं, जिससे इनका अनुपालन हो सके। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कुमार ढाका ने बताया कि अभी निर्देश प्राप्त नहीं हुए, लेकिन यह जरूरी निर्देश हैं, इनका अनुपालन कराया जाएगा।
सीबीएसई स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो रही हैं। प्रयोगात्मक परीक्षाएं अभी संपन्न हुई हैं इसलिए प्रार्थना सभाएं फिलहाल स्कूल में हो नहीं रहीं है। जो स्कूल प्रार्थना करा रहे हैं वो इस नियम का पालन करेंगे। राहुल केसरवानी, सचिव सहोदय