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शहादत:तीन गोली लगने के बाद भी बदमाशों से लोहा लेते रहे सुनील कुमार, मरणोपरांत वीरता सम्मान; बेटे ने कही ये बात

Fri, 02 Oct 2026 10:45 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

शामली के चौसाना में बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान तीन गोलियां लगने के बाद शहीद हुए एसटीएफ निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता सम्मान मिला। उन्हें कीर्ति चक्र के लिए भी नामित किया गया है।
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शहीद इंस्पेक्टर सुनील का फाइल फोटो, दरोगा मुन्नेश कुमार दाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार के बलिदान के बाद सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र और वीरता पुरस्कार के लिए नामित किया। अब उनके अदम्य साहस और बलिदान को मरणोपरांत सम्मान मिला है। कीर्ति चक्र सम्मान 26 जनवरी 2027 को दिया जाएगा।

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20 जनवरी 2025 की रात शामली के चौसाना में गंगोह मार्ग पर कार सवार बदमाशों से हुई मुठभेड़ में सुनील कुमार ने टीम के साथ मोर्चा संभाला। इसी दौरान उन्हें तीन गोलियां लगीं और वह से घायल हो गए। 25 जनवरी को उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। एसटीएफ मेरठ की टीम की बदमाशों से हुई इस मुठभेड़ में मुनीम काला गैंग का शूटर और एक लाख रुपये का इनामी अरशद मारा गया। 

उसके साथ सोनीपत निवासी मंजीत उर्फ बिल्ला उर्फ जुबैर तथा करनाल निवासी सतीश और मनवीर भी मारे गए।  चारों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव निवासी सुनील सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ शाखा में निरीक्षक के पद पर तैनात थे।

वर्दी पहनना चाहता है बेटा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वीरता पुरस्कार प्राप्त करते समय सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी की आंखें नम हो गईं। उनके साथ बेटा मंजीत और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मंजीत ने कहा कि वह भी पुलिस में भर्ती होकर पिता की तरह ईमानदारी से काम करना चाहते हैं।
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दरोगा मुन्नेश कुमार - फोटो : अमर उजाला
मुठभेड़ में घायल हुए दरोगा मुन्नेश सिंह को वीरता पदक
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में जनवरी 2023 में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई थी। सीने में गोली लगने से दरोगा मुन्नेश सिंह घायल हो गए थे। बुधवार को उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें पदक प्रदान किया। मुन्नेश सिंह का नाम राष्ट्रपति पराक्रम पदक के लिए भी भेजा गया है। वर्तमान में वह मेरठ पुलिस लाइन में तैनात हैं।

आगरा के बहा तहसील क्षेत्र के मलिया खेड़ा गांव निवासी मुन्नेश सिंह वर्ष 1993 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2011 में प्रोन्नति पाकर दरोगा बने थे। वर्ष 2022 में वह गाजियाबाद के मधूबन बाबूधाम थाने के प्रभारी रहे। 

इस दौरान मुठभेड़ में एक लाख का इनामी राकेश दुजाना मारा गया था। वर्ष 2023 में मुन्नेश सिंह की तैनाती मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की हाईवे चौकी प्रभारी के रूप में हुई। जनवरी 2023 में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। बदमाशों ने मुन्नेश सिंह पर अवैध पिस्टल से तीन राउंड फायर किए थे। एक गोली उनके सीने में लगी और वह घायल हो गए थे। घटना के चार दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में विनय वर्मा मारा गया था।
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