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खेल, कैंची, ज्वैलरी क्लस्टर को मिले राहत पैकेज

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खेल, कैंची, ज्वैलरी क्लस्टर को मिले राहत पैकेज
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मेरठ। संयुक्त लघु उद्योग क्लस्टर संघ की ऑनलाइन बैठक मंगलवार को हुई, जिसमें संघ के पदाधिकारियों ने खेल, कैंची, ज्वैलरी व अन्य क्लस्टर के लिए सरकार से राहत पैकेज की मांग की है। संघ ने मांगपत्र जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त वीके कौशल को भेजा है।
संघ अध्यक्ष डॉ संजीव अग्रवाल ने कहा कि लॉकडाउन से इन क्लस्टरों को चलाने वाले लोग भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। यहां के क्लस्टरों से हर वर्ष 10 हजार करोड़ का व्यापार होता था। यहां बना सामान अरब, यूरोप, इथोपिया, यूएसए, बांग्लादेश में निर्यात होता है। जब व्यापार व डिमांड न होने के कारण ज्यादातर बॉयर्स ने अपने ऑर्डर खत्म कर दिए या टाल दिए हैं।
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कैंची (सीजर) क्लस्टर से शरीफ अहमद, खद्दर एवं टेक्सटाइल क्लस्टर से मतीन अंसारी, लेदर से रविंद्र कुमार, स्पोर्ट गुड्स से मीनाक्षी भराला, ज्वैलरी क्लस्टर से कोमल वर्मा, राजकुमार भारद्वाज ने भाग लिया। मतीन अंसारी ने कहा आर्टिजन के बिजली बिल और बैंक ब्याज माफ किया जाए। शरीफ ने कहा कि क्लस्टर को आर्थिक पैकेज दिया जाए। मीनाक्षी भराला ने मांग रखी कि स्पोर्ट्स गुड्स के कारीगरों को आर्थिक मदद मिले। रविंद्र कुमार ने क्लस्टर फंड देने की मांग की। ज्वैलरी क्लस्टर की ओर से हस्त शिल्पियों को आर्थिक मदद की बात कही।
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चेंबर फॉर डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ एमएसएमई के सचिव ने बताया कि हस्तशिल्पी एमएसएमई स्कीम में लाभान्वित नहीं होते हैं। सरकार को वस्त्र मंत्रालय के साथ योजना बनाकर हस्त शिल्पियों को सहायता देनी होगी। संघ अध्यक्ष ने सरकार से मांग की है कि लघु उघोगों, छोटे व्यापारियों के बिजली बिल, जीएसटी में छूट, मुद्रा लोन की किस्त माफ हो। हस्त शिल्पियों को आर्थिक सहयोग राशि मिले।
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