सरकारी सुविधाओं के अभाव के बावजूद खिलाड़ियों ने निजी कोचों की मदद से अपने दम पर अंतरराष्ट्रीय फलक पर खुद का रास्ता तैयार किया है। शूटिंग, बैडमिंटन, तीरंदाजी से लेकर एथलेटिक और बैडमिंटन में खिलाड़ियों ने प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
शूटर शहजर रिजवी, शटलर मनु अत्री, ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी, भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी, एथलीट पारुल चौधरी, शूटर सौरभ चौधरी, शूटर आर्यावंश त्यागी, शार्दुल विहान, शपथ भारद्वाज, एशियन गेम्स क्वालिफायर नीरज चौहान ने अपने दम पर सफलता हासिल की है। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में वर्तमान में महज क्रिकेट, मुक्केबाजी, कुश्ती और तैराकी के स्थायी कोच हैं, जबकि 12 से ज्यादा खेलों के कोच नहीं हैं।