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खास खबर: ग्रेप सिस्टम को लेकर हुआ ये बदलाव, एनसीआर में जल्द होगा लागू, पढ़िए पूरा अपडेट

Fri, 30 Sep 2022 01:23 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

ग्रेप सिस्टम जल्द ही शुरू होने जा रहा है। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जानिए आखिर कब से ग्रेप सिस्टम शुरू होगा।
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वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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विस्तार
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दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए सर्दियों में लागू होने वाला (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) ग्रेप सिस्टम इस वर्ष 15 दिन पहले एक अक्तूबर से ही लागू कर दिया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ग्रेप में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अलावा नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, एनएचएआई, नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, आरटीओ समेत 30 विभाग काम करेंगे। 

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ठंड का मौसम आते ही एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 तक पहुंच जाता है। दीपावली में यह स्तर 500 से भी ऊपर पहुंच जाता है। इस कारण हृदय, दमा रोगियों को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट प्रतिवर्ष 15 अक्तूबर से ग्रेप सिस्टम लागू करता है, लेकिन इस बार सभी विभागों को 15 दिन पहले ही प्रदूषण नियंत्रण पर काम करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। 

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क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि एक्यूआई को अभी तक तीन श्रेणियों में रखा गया था। अब चार श्रेणियां बनाई गई हैं। इस बार दिल्ली के एक्यूआई को ही पूरे एनसीआर का माना है। यदि दिल्ली का एक्यूआई ज्यादा है तो पूरे एनसीआर में उसी आधार पर काम किया जाएगा।

यह रखी गईं श्रेणी
स्टेज एक की श्रेणी को पुअर माना गया है, जिसमें एक्यूआई 201 से 300 तक 
स्टेज दो की श्रेणी वेरी पुअर माना गया है, जिसमें एक्यूआई 301 से 400 तक 
स्टेज तीन की श्रेणी सीवियर मानी गई है, जिसमें एक्यूआई 450 तक है
स्टेज चार को सीवियर प्लस माना गया हैै, जिसमें एक्यूआई 450 से ऊपर है

 
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  वायु प्रदूषण पैदा करने वाले कारक 
  औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं 
  डस्ट बालू एवं आग के उत्पन्न हानिकारक तत्व 
  वाहनों का अत्यधिक आवागमन, टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल 
  खुले में कूड़ा जलाना, वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जित कार्बनिक तत्व
 
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इस बार ग्रेप 15 दिन पहले ही लागू किया जा रहा है। पहले एक्यूआई तीन श्रेणी में दर्ज किया जाता था, इस बार एक श्रेणी और बढ़ाई गई है। मेरठ में भी सख्ती से काम किया जाएगा। सभी प्रमुख विभाग वायु प्रदूषण रोकने की दिशा में काम करेंगे। - विजय कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
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