क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि एक्यूआई को अभी तक तीन श्रेणियों में रखा गया था। अब चार श्रेणियां बनाई गई हैं। इस बार दिल्ली के एक्यूआई को ही पूरे एनसीआर का माना है। यदि दिल्ली का एक्यूआई ज्यादा है तो पूरे एनसीआर में उसी आधार पर काम किया जाएगा।
यह रखी गईं श्रेणी
स्टेज एक की श्रेणी को पुअर माना गया है, जिसमें एक्यूआई 201 से 300 तक
स्टेज दो की श्रेणी वेरी पुअर माना गया है, जिसमें एक्यूआई 301 से 400 तक
स्टेज तीन की श्रेणी सीवियर मानी गई है, जिसमें एक्यूआई 450 तक है
स्टेज चार को सीवियर प्लस माना गया हैै, जिसमें एक्यूआई 450 से ऊपर है
वायु प्रदूषण पैदा करने वाले कारक
औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं
डस्ट बालू एवं आग के उत्पन्न हानिकारक तत्व
वाहनों का अत्यधिक आवागमन, टूटी सड़कों से उड़ने वाली धूल
खुले में कूड़ा जलाना, वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जित कार्बनिक तत्व
इस बार ग्रेप 15 दिन पहले ही लागू किया जा रहा है। पहले एक्यूआई तीन श्रेणी में दर्ज किया जाता था, इस बार एक श्रेणी और बढ़ाई गई है। मेरठ में भी सख्ती से काम किया जाएगा। सभी प्रमुख विभाग वायु प्रदूषण रोकने की दिशा में काम करेंगे। - विजय कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी