करीब 142 दिन चले महागठबंधन से बसपा के बाहर होने से सपा-रालोद के साथ होने या नहीं होने की भी चर्चा राजनीतिक क्षेत्र में गर्म थी। इस बारे में दोनों पार्टियों से कोई टिप्पणी नहीं आने से कार्यकर्ता उहापोह में थे। लेकिन मंगलवार को सपा व रालोद नेताओं ने गन्ना भुगतान को लेकर एक साथ आंदोलन करने की चेतावनी से एक साथ रहने के संकेत दे दिए।
मंगलवार को सपा जिलाध्यक्ष चौधरी राजपाल सिंह और रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान के नेतृत्व में दोनों पार्टियों के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला से मिला और बकाया भुगतान कराने की मांग की। राजपाल सिंह व डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि जिले के किसानों का 1069 करोड़ रुपये मिलों पर बकाया है।
भुगतान नहीं होने से किसान अपने बच्चों की फीस तक भी नहीं भर पा रहे हैं। रालोद जिलाध्यक्ष राहुल देव ने कहा कि अगर भुगतान नहीं हुआ तो सपा-रालोद आंदोलन करेगी। उन्होंने इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में गन्ना बकाया भुगतान कराने, गन्ना सर्वे पारदर्शिता से कराने, सोसायटी से अच्छे कीट नाशक व जरूरी मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की।