बॉलीवुड फिल्मों पर लगातार भारी पड़ रहीं दक्षिण की फिल्मों पर किए सवाल पर उन्होंने कहा बॉलीवुड ने विदेशी सभ्यता, पहनावा, कहानियों पर फिल्में बनाईं। जो भारत की सभ्यता के अनुकूल नहीं थी। दक्षिण सिनेमा ने भारत की सभ्यता, धर्म और परिवार से जुड़ी फिल्मों को बनाया तो वह अब कहीं ना कहीं बॉलीवुड फिल्मों से आगे निकल गया है।
बाहुबली फिल्म से दक्षिण सिनेमा की फिल्मों को लोगों ने जाना। अब बॉलीवुड से भी बड़े बजट की फिल्में दक्षिण में बन रहीं हैं। सुमन तलवार ने अपनी आगामी फिल्म कांता के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि पांच वर्ष की उम्र से ही बेटियों को आत्मरक्षा के गुण सिखाएं, जिससे वह जीवन में आने वाली कठिनाइयों को डटकर सामना कर सकें। उन्हें कही भी कमजोरी का अहसास न हो। कार्यक्रम में आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।